पीबी फिनटेक के शेयर 24 सितंबर को बाजार खुलते ही क्रैश कर गए। इससे शेयर की कीमत 18 महीने के निचले स्तर पर आ गई है। 3:15 बजे एनएसई में शेयर का प्राइस 34.02 फीसदी गिरकर 1,244.50 रुपये पर चल रहा था। 23 सितंबर को यह शेयर 1,886.30 रुपये पर बंद हुआ था। आज शेयरों में बड़ी गिरावट की वजह आईआरडीएआई का एक प्रस्ताव है, जिसके लागू होने पर इंश्योरेंस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों की कमाई घट जाएगी।
कमीशन की लिमिट भी हो सकती है तय
शेयर डॉट मार्केट बाय फोनपे के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन ने कहा कि IRDAI के प्रस्ताव में इश्योरेंस प्रोडक्ट्स के कमीशन की लिमिट तय करने का भी प्रस्ताव है। इसके लागू होने पर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का कमीशन घटकर 15-20 फीसदी रह सकता है, जबकि टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी का कमीशन 25 फीसदी रह जाएगा। इसका सीधा असर पीबी फिनटेक जैसी इंश्योरेंस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों पर पड़ेगा। पीबी फिनटेक अपने प्लेटफॉर्म पॉलिसीबाजार के जरिए इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के डिस्ट्रिब्यूशन बिजनेस में है।
शॉर्ट टर्म में सावधानी बरतने की सलाह
जैन का मानना है कि ट्रेडिंग के लिहाज से इस शेयर को लेकर शॉर्ट टर्म में सावधानी बरतने की जरूरत है। बाजार की नजरें कंपनी के मैनेजमेंट की कमेंट्री पर है। यह देखना होगा कि कंपनी अपने कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट में किस तरह से बदलाव करीत है और डिस्ट्रिब्यूशन चैनल को कैसे किफायती बनाती है। हालांकि, अभी IRDAI ने अभी सिर्फ प्रस्ताव पेश किया है। इसे किस तरह से लागू किया जाता है, यह देखना होगा।ट
शेयर अपने सपोर्ट जोन को तोड़ चुका है
स्वस्तिका इनवेस्टमार्ट में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट प्रवेश गौर ने कहा कि चार्ट से इस स्टॉक के टेक्निकल स्ट्रक्चर में तेज गिरावट का संकेत मिलता है। 1,400 और 1,900 रुपये के दायरे में कंसॉलिडेशन के बाद इस शेयर में तेज बिकवाली देखने को मिली है। अब कीमत गिरकर करीब 1,282 रुपये पर आ गई है। इसने 1,400 रुपये के अपने सपोर्ट जोन को तोड़ दिया है।
कमीशन को लेकर तस्वीर साफ होने तक करें इंतजार
उन्होंने कहा कि इस शेयर में इसके महत्वपूर्ण शॉर्ट, मीडियम और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेजेज से कम पर ट्रेडिंग हो रही है। इससे इस शेयर में ट्रेंड मोमेंटम कमजोर पड़ने का संकेत मिलता है। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी निगेटिव हो गए हैं। कुल मिलाकर शॉर्ट टर्म में इस शेयर में बेयरिश ट्रेंड दिख रहा है। स्थिति तभी बदलेगी जब यह स्टॉक 1,400 रुपये के लेवल के ऊपर जाने के बाद टिका रहेगा। इसका मतलब है कि जब तक इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स को लेकर कमीशन स्ट्रक्चर की तस्वीर साफ नहीं हो जाती, इस स्टॉक से दूर रहना ठीक रहेगा।