PB Fintech Share Price: पॉलिसीबाजार की पेरेंट का शेयर धड़ाम! IRDAI के नए ड्राफ्ट से 28% ​लुढ़का, लगा लोअर सर्किट

PB Fintech Share Price: इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने कुछ स्ट्रक्चरल सुधारों का प्रस्ताव दिया है। इनका मकसद इंश्योरेंस की लागत कम करना, उन लोगों तक कवरेज पहुंचाना जिन्हें अभी तक यह सुविधा नहीं मिली है, और इस सेक्टर को टिकाऊ विकास की राह पर वापस लाना है

अपडेटेड Sep 24, 2026 पर 12:36 PM
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बर्नस्टीन का मानना है कि कमीशन को लेकर ड्राफ्ट पेपर में प्रस्तावित कटौती से PB Fintech को सबसे ज्यादा नुकसान होगा।

Policybazaar प्लेटफॉर्म की पेरेंट कंपनी PB Fintech के शेयरहोल्डर्स के लिए 24 सितंबर का दिन बहुत ही ज्यादा खराब जा रहा है। शेयर पिछले बंद भाव से 28 प्रतिशत तक नीचे आ गया है। BSE पर 1,360.80 रुपये और NSE पर 1,357.90 रुपये पर लोअर सर्किट लगा है। शेयर में हुई बंपर बिकवाली की वजह है इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI का डिस्ट्रीब्यूशन सुधारों पर नया ड्राफ्ट और उसके बाद बर्नस्टीन का व्यू। बर्नस्टीन का मानना है कि कमीशन को लेकर ड्राफ्ट पेपर में प्रस्तावित कटौती से PB Fintech को सबसे ज्यादा नुकसान होगा, क्योंकि इन टेक-रेट पर कॉल सेंटर की लागत नहीं निकल पाएगी।

इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने कुछ स्ट्रक्चरल सुधारों का प्रस्ताव दिया है। इनका मकसद इंश्योरेंस की लागत कम करना, उन लोगों तक कवरेज पहुंचाना जिन्हें अभी तक यह सुविधा नहीं मिली है, और इस सेक्टर को टिकाऊ विकास की राह पर वापस लाना है। ड्राफ्ट पेपर में कई अहम बातों पर रोशनी डाली गई है, जैसे मैनेजमेंट के खर्चों (EoM) को सही करना, सेगमेंट के हिसाब से कमीशन की सीमाएं फिर से लागू करना, "डार्क पैटर्न" पर रोक लगाना, पॉलिसी डॉक्यूमेंट्स पर कमीशन की दरें बताना और मोटर इंश्योरेंस की प्रक्रिया को आसान बनाना।

‘डार्क पैटर्न’ से आशय वेबसाइट या ऐप के ऐसे भ्रामक डिजाइन और तौर-तरीकों से है, जिनके जरिए यूजर्स को उनकी इच्छा के विरुद्ध बीमा खरीदने, अधिक प्रीमियम का भुगतान करने या अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के लिए उकसाया जाता है। डार्क पैटर्न में ऐसी व्यवस्था भी शामिल है, जिसमें प्रोडक्ट की विशेषताओं और कीमत की जानकारी देखने के लिए ग्राहकों से व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाती है। डिस्ट्रीब्यूशन में सुधार के लिए दूसरे प्रस्तावों में ये बातें शामिल हैं: बैंक कौन सी पॉलिसी बेचें, कैसी पॉलिसी बेचें, एजेंटों को इंसेंटिव देने पर रोक, इंश्योरेंस बेचने के लिए MIIs का इस्तेमाल कैसे हो, और क्रेडिट लाइफ जैसे इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की अनिवार्य बंडलिंग पर रोक।


PB Fintech के लिए क्या है चिंता की बात?

बर्नस्टीन ने अपने नोट में लिखा है कि कमीशन में प्रस्तावित कटौती बहुत बुरी है और ड्राफ्ट पेपर में प्रस्तावित 'टेक रेट' से PB Fintech का यूनिट-इकोनॉमिक्स बिगड़ जाएगा। ब्रोकरेज ने कहा कि प्रस्तावित सीमाओं की वजह से हेल्थ/टर्म इंश्योरेंस की ग्रोथ पर भी कुछ असर पड़ेगा, लेकिन कम लागत और ज्यादा एजेंसी-ULIP मिक्स वाली कंपनियों (जैसे SBI Life और LIC) पर इसका असर कम होगा।

IRDAI के ड्राफ्ट पेपर में कोटेशन (Rates) बनाने के लिए कॉन्टैक्ट डिटेल्स इकट्ठा करने पर साफ तौर पर रोक लगाई गई है। बर्नस्टीन के अनुसार, PB Fintech के लिए यह कस्टमर बनाने का एक अहम जरिया है।ड्राफ्ट पेपर में एडवाइजरी फीस और मार्केटिंग खर्च से जुड़ी कमियों को भी दूर करने का जिक्र है, इसलिए PB Fintech को इसके लिए कोई समाधान खोजना होगा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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