PB Fintech Stock Crash: फिनटेक कंपनी PB Fintech के शेयर में 24 सितंबर को भारी बिकवाली देखने को मिली। शेयर पिछले बंद भाव ₹1,886.30 से गिरकर ₹1,244.50 तक आ गया। यानी एक ही दिन में शेयर करीब 34.02% टूट गया। अब सवाल है कि जब शेयर पर अधिकतम 20% की सर्किट लिमिट होती है तो इतनी बड़ी गिरावट कैसे आई?
PB Fintech शेयर क्रैश होने की वजह
आज शेयर में बड़ी गिरावट की वजह IRDAI का एक प्रस्ताव है। इसके लागू होने पर इंश्योरेंस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों की कमाई पर असर पड़ सकता है। Share.Market by PhonePe के मार्केट एनालिस्ट मयंक जैन के मुताबिक, IRDAI ने इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के कमीशन की लिमिट तय करने का प्रस्ताव रखा है।
जैन का कहना है कि इसके लागू होने पर हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी पर कमीशन घटकर 15-20% रह सकता है। टर्म लाइफ इंश्योरेंस पर यह 25% हो सकता है। इसका सीधा असर PB Fintech जैसी इंश्योरेंस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों पर पड़ेगा। PB Fintech अपने प्लेटफॉर्म Policybazaar के जरिए इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के डिस्ट्रिब्यूशन बिजनेस में है।
20% सर्किट के बावजूद कैसे गिरा?
यहां एक बात समझना जरूरी है। F&O में उपलब्ध शेयरों पर सामान्य तौर पर 20% का फिक्स्ड डेली प्राइस बैंड नहीं होता। NSE ऐसे शेयरों में गलत कीमत पर ऑर्डर जाने से रोकने के लिए शुरुआत में 10% का डायनेमिक ऑपरेटिंग रेंज रखता है।
अगर शेयर की कीमत इस रेंज के करीब पहुंचती है और बाजार में लगातार एकतरफा मूवमेंट बना रहता है, तो एक्सचेंज तय शर्तों के तहत इस रेंज को आगे फ्लेक्स कर सकता है। इसके बाद शेयर को नई रेंज में ट्रेड करने की जगह मिल जाती है।
डायनेमिक बैंड क्या होता है?
इसे आसान उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए किसी शेयर का पिछला बंद भाव ₹500 है और उस पर 20% का लोअर सर्किट है। सामान्य स्थिति में शेयर ₹400 तक गिर सकता है। ₹400 पर पहुंचने के बाद ट्रेडिंग रुक जाएगी।
लेकिन डायनेमिक प्राइस बैंड वाले शेयर में मामला अलग है। यहां शुरुआती ऑपरेटिंग रेंज 10% हो सकती है। अगर शेयर लगातार नीचे जाता है और तय शर्तें पूरी होती हैं, तो एक्सचेंज इस रेंज को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा सकता है। NSE के नियमों में शुरुआती दो फ्लेक्सिंग के दौरान रेंज 5-5% बढ़ाने का प्रावधान है। इसके बाद भी तय प्रक्रिया के तहत फ्लेक्सिंग जारी रह सकती है।
इसे यूं समझिए कि सामान्य सर्किट एक दीवार जैसा है। वहां पहुंचते ही शेयर उस सीमा से आगे नहीं जा सकता। डायनेमिक ऑपरेटिंग रेंज में एक्सचेंज के नियमों के तहत यह सीमा आगे बढ़ाई जा सकती है, ताकि तेज एकतरफा मूवमेंट के दौरान ट्रेडिंग जारी रह सके।
PB Fintech में कैसे बढ़ी गिरावट?
PB Fintech में भी शेयर के नीचे जाने के साथ ऑपरेटिंग रेंज फ्लेक्स होती गई। इससे शेयर को पहले से नीचे के स्तरों पर ट्रेड करने की जगह मिलती गई।
इस तरह शेयर एक ही छलांग में 34% नीचे नहीं गया। गिरावट अलग-अलग चरणों में बढ़ी। आखिर में शेयर ₹1,244.50 तक पहुंच गया।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।