PFC Share Price: सरकारी कंपनी Power Finance Corporation Ltd. (PFC) के शेयरों में 10 अगस्त को गिरावट देखने को मिला। शेयर आज 6 फीसदी से ज्यादा टूटा। शेयर में यह गिरावट कंपनी के तिमाही नतीजों के ऐलान के बाद आया। कंपनी ने पहली तिमाही में कम डिस्बर्समेंट (कर्ज़ वितरण), धीमी लोन ग्रोथ और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर दबाव के कारण कमज़ोर नतीजे दिखाए थे। हालांकि, इसकी एसेट क्वालिटी बहुत मज़बूत रही और फॉरेक्स/प्रोविज़न से मिले फ़ायदों ने इसके टैक्स के बाद मुनाफ़े (PAT) को सहारा दिया। PFC की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) पिछले साल के मुकाबले 4.3% और पिछली तिमाही के मुकाबले 5.2% घटकर ₹5,233.5 करोड़ हो गई।
सरकारी पावर फाइनेंसर का ऑपरेटिंग प्रॉफ़िट पिछले साल के ₹4,831.3 करोड़ से 10.9% बढ़कर ₹5,57.1 करोड़ हो गया, लेकिन पिछली तिमाही के ₹6,382.4 करोड़ से 16.1% कम रहा।इस तिमाही के लिए प्रोविज़न सालाना आधार पर 18.5% और पिछली तिमाही के मुकाबले 59.8% कम हुए।इसका PAT ₹4,745.4 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 5.4% और पिछली तिमाही से 25% ज़्यादा है।
लोन पर इसकी यील्ड पिछले साल और पिछली तिमाही, दोनों के मुकाबले कम हुई। इसका NIM 3.55% रहा और इस पर दबाव बना रहा, क्योंकि यह पिछले साल से 38 बेसिस पॉइंट्स और पिछली तिमाही से 28 बेसिस पॉइंट्स कम हुआ।
इसकी क्रेडिट कॉस्ट नेगेटिव रही, हालांकि इसका फ़ायदा पहले की अवधियों के मुकाबले कम था।जून तिमाही में PFC का लोन बुक/AUM ₹5.7 लाख करोड़ रहा, जो पिछले साल से 4% ज़्यादा लेकिन मार्च तिमाही से 1.7% कम था।इसका डिस्बर्समेंट पिछले साल से 44% और पिछली तिमाही से 50% घटकर ₹20,200 करोड़ रहा।
PFC की लोन ग्रोथ में कमज़ोरी की वजह ज़्यादा प्री-पेमेंट और सीज़नल तौर पर पहली तिमाही में कम डिस्बर्समेंट रही। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि FY27 की दूसरी छमाही में इसमें सुधार होगा।
CLSA ने टारगेट प्राइस घटाया
ब्रोकरेज फर्म CLSA ने PFC के लिए "आउटपरफॉर्म" रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹550 प्रति शेयर से घटाकर ₹500 प्रति शेयर कर दिया है। यह पिछले क्लोजिंग प्राइस से 19.3% की बढ़त दिखाता है। फर्म ने कहा कि PFC ने पहले REC के साथ मर्जर को अप्रैल 2027 तक पूरा करने का टारगेट बताया था। इसने दोनों कंपनियों के लिए FY27 के PAT अनुमानों में 2%-3% की कटौती की है।
फर्म ने कहा कि दोनों कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे। दोनों के लिए लोन ग्रोथ धीमी बनी रही, जिसकी वजह रिवॉल्विंग बिल पेमेंट फैसिलिटी (RBPF) स्कीम बुक का कम होना और दूसरे सेगमेंट में मामूली ग्रोथ थी।
फर्म ने कहा कि PFC की लोन ग्रोथ में 4% की बढ़ोतरी हुई, जबकि REC में सिर्फ 1% की बढ़ोतरी हुई। लेकिन अच्छी खबर यह है कि RBPF बुक अब काफी छोटी हो गई है। फर्म ने कहा कि लेंडिंग यील्ड में कमी के कारण कोर मार्जिन में पिछली तिमाही के मुकाबले थोड़ी गिरावट आई। फर्म ने यह भी कहा कि एसेट क्वालिटी ठीक बनी रही।
ब्रोकरेज ने REC के लिए भी "आउटपरफॉर्म" रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस ₹450 प्रति शेयर से घटाकर ₹420 प्रति शेयर कर दिया है।
PFC को कवर करने वाले सभी 15 एनालिस्ट ने इसे खरीदने ("buy") की सलाह दी है।सोमवार सुबह 12.10 बजे PFC के शेयर 6.51% गिरकर ₹392.55 प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहे थे। इस साल अब तक स्टॉक में 10.50% की बढ़त हुई है। स्टॉक का डे हाई 414.65 रुपये पर है जबकि डे लो 389.60 रुपये पर है।
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