इस फंड हाउस ने 20% पैसा कैश में रखा है, मार्केट 5-7% गिरने पर इन शेयरों में लगाएगा

पीजीआईएम इंडिया एसेट मैनेजमेंट के सीआईओ अनिरुद्ध नाहा ने कहा कि कम से कम बीते दो सालों में फंड हाउस ने कभी इतना कैश अपने पास नहीं रखा था। फंड हाउस निफ्टी में 5-7 फीसदी करेक्शन आने पर उनका फंड हाउस निवेश के मौकों को देखना शुरू करेगा

अपडेटेड Sep 30, 2026 पर 5:47 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
पीजीआईएम इंडिया एसेट मैनेजमेंट निवेश में बॉटम-अप एप्रोच का इस्तेमाल करता है।

पीजीआईएम इंडिया एसेट मैनेजमेंट के सीआईओ अनिरुद्ध नाहा ने 15-20 फीसदी कैश में रखा है। उनका मानना है कि अभी देश और विदेश से आने वाली खबरों का असर मार्केट पर दिख रहा है। उन्हें मार्केट में तेज गिरावट का इंतजार है। ऐसा होने पर वह इस पैसे को इनवेस्ट करेंगे।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मौकों पर नजर

नाहा ने कहा कि निफ्टी में 5-7 फीसदी करेक्शन आने पर उनका फंड हाउस निवेश के मौकों को देखना शुरू करेगा। हालांकि, फंड हाउस की पसंद लार्जकैप शेयर नहीं होंगे। अगर अर्निंग्स ग्रोथ के हिसाब से वैल्यूएशन अट्रैक्टिव दिखती है तो फंड हाउस मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में भी निवेश करेगा।


बीते दो सालों में फंड हाउस ने कभी इतना कैश नहीं रखा

उन्होंने कहा कि कम से कम बीते दो सालों में फंड हाउस ने कभी इतना कैश अपने पास नहीं रखा था। उन्होंने बताया कि उनका फंड हाउस बॉटम-अप एप्रोच का इस्तेमाल करता है। यह इसके लिए PEG रेशियो का इस्तेमाल करता है। प्राइस-टू-अर्निंग्स को अर्निग्स ग्रोथ से डिवाइड करने पर PEG Ratio मिलता है।

कैपिटल गुड्स कंपनियों के शेयर पीक से 30-35% नीचे

नाहा ने कैपिटल गुड्स को ऐसा सेक्टर बताया जो, फंड हाउस की स्ट्रेटेजी में फिट बैठता है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि बाजार में बड़ी गिरावट के बाद कई कैपिटल गुड्स कंपनियों के शेयर अपने ऑल-टाइम हाई से 30-35 फीसदी तक नीचे हैं। इस सेगमेंट में उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) और बेयरिंग्स कंपनियों पर जोर दिया।

लंबी अवधि के निवेश के लिए हेल्थ केयर सेक्टर भी अट्रैक्टिव 

हेल्थकेयर दूसरा सेगमेंट है, जिस पर नाहा की नजर है। उन्होंने कहा कि इस सेक्टर के शेयरों में अगर और गिरावट आती है तो वे और अट्रैक्टिव हो जाएंगे। उनका मानना है कि लंबी अवधि के निवेश के लिए हेल्थकेयर कंपनियों के शेयरों में मौके दिख रहे हैं। इस सेक्टर की एक खास बात यह है कि इस पर मंदी का असर नहीं दिखता है।

यह भी पढ़ें: कंडोम बनाने वाली इस कंपनी का शेयर बना रॉकेट, एक साल में पैसा 7 गुना किया

एसेट मैनेजमेंट कंपनियों का प्रदर्शन भी अच्छा रहेगा

नाहा की लिस्ट में एसेट मैनेजमेंट कंपनियां तीसरे पायदान पर हैं। उन्होंने कहा कि इस सेगमेंट में वैल्यूएशन काफी घटी है, जबकि अर्निंग्स में इम्प्रूवमेंट दिखा है। भारत में परिवारों की सेविंग्स अब फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में जा रही है। इस वजह सेअगले पांच से सात सालों में इस सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर रह सकता है। उन्होंने इंश्योरेंस सेक्टर के बारे में कहा कि लंबी अवधि के लिहाज से फंड हाउस की नजरें इस सेक्टर पर है।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।