नए हफ्ते में निफ्टी 50 के 23600-23500 के नीचे जाने की संभावना ज्यादा, ये शेयर करा सकते हैं अच्छी कमाई

पिछले हफ्ते, ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला ट्रेंड दिखा। जहां निफ्टी मिडकैप 100 ने अंडरपरफॉर्म किया और 1.55 प्रतिशत गिरा, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 ने फ्रंटलाइन इंडेक्स से काफी बेहतर परफॉर्म किया और एक नया ऑल-टाइम हाई बनाया

अपडेटेड Sep 06, 2026 पर 10:52 AM
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निफ्टी अपने अहम शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेजेस के नीचे ट्रेड कर रहा है।

नए हफ्ते में निफ्टी 50 के 24,000-24,200 जोन के ऊपर लगातार बने रहने के बजाय 23,600-23,500 जोन के नीचे जाने की संभावना ज्यादा है। ओवरऑल टेक्निकल सेटअप अभी भी बेयर्स के पक्ष में है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने निफ्टी 50 को लेकर क्या संभावना जताई, नए शुरू हो रहे सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं...

क्या आपको लगता है कि अगले हफ्ते निफ्टी 50 के 24,000–24,200 के ऊपर जाने के बजाय 23,600–23,500 के जोन के नीचे जाने की संभावना ज्यादा है?

हां, मौजूदा प्राइस स्ट्रक्चर और टेक्निकल इंडिकेटर्स के आधार पर, आने वाले हफ्ते में निफ्टी 50 के 24,000-24,200 जोन के ऊपर लगातार बने रहने के बजाय 23,600-23,500 जोन के नीचे जाने की संभावना ज्यादा दिख रही है। बेंचमार्क इंडेक्स लगातार चौथे हफ्ते गिरावट में बंद हुआ है, जो ऊंचे स्तरों पर लगातार बिकवाली के दबाव को दिखाता है। इससे भी अहम बात यह है कि निफ्टी डेली चार्ट पर अपने बढ़ते हुए चैनल (राइजिंग चैनल) के नीचे आ गया है, जो शॉर्ट-टर्म ट्रेंड में कमजोरी का संकेत है। बाहरी कारक जैसे कि बढ़ते भूराजनीतिक तनाव, 10-साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड में बढ़ोतरी और ब्रेंट कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डाल रही हैं। हालांकि इंडेक्स ने 23,786 के लेवल को टेस्ट करने के बाद थोड़ी रिकवरी दिखाई, लेकिन यह उछाल किसी बड़े ट्रेंड रिवर्सल की शुरुआत के बजाय टेक्निकल कारणों से ज्यादा लग रहा है।


ओवरऑल टेक्निकल सेटअप अभी भी बेयर्स के पक्ष में है। निफ्टी अपने अहम शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेजेस के नीचे ट्रेड कर रहा है, जबकि 20, 50 और 100-दिन के EMA नीचे की ओर झुकने लगे हैं, जो कीमतों में कमजोरी को दिखाते हैं। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी कमजोर बने हुए हैं। डेली RSI 40 के लेवल के आसपास है और अपने 9-दिन के एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है। यह बताता है कि बुलिश मोमेंटम गायब है। साथ ही, डेली ADX 20 के ऊपर चला गया है और बढ़ रहा है, जो संकेत देता है कि मौजूदा ट्रेंड मजबूत हो रहा है और बाजार का झुकाव नीचे की ओर बना हुआ है।

लेवल के नजरिए से देखें तो, इमीडिएट सपोर्ट जोन 23,750-23,700 पर है। अगर यह सपोर्ट एरिया निर्णायक रूप से टूटता है, तो 23,500 और उसके बाद 23,300 की ओर और गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ, 24,150-24,200 के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस है। जब तक इंडेक्स इस रुकावट के ऊपर बना नहीं रहता, तब तक मंदी का रुझान बने रहने की संभावना है।

क्या स्मॉलकैप 100 इंडेक्स मिडकैप और निफ्टी 50 से बेहतर परफॉर्म करता रहेगा?

पिछले हफ्ते, ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला ट्रेंड दिखा। जहां निफ्टी मिडकैप 100 ने अंडरपरफॉर्म किया और 1.55 प्रतिशत गिरा, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 ने फ्रंटलाइन इंडेक्स से काफी बेहतर परफॉर्म किया और एक नया ऑल-टाइम हाई बनाया। हफ्ते के दौरान अपनी ऊपर की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन के पास सपोर्ट मिलने के बाद निफ्टी स्मॉलकैप 100 में एक मजबूत रिबाउंड देखा गया। वीकली चार्ट पर, इंडेक्स ने लोअर शैडो के साथ एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई, जो निचले लेवल पर खरीदारी की दिलचस्पी दिखाती है। इसके अलावा, जरूरी टेक्निकल इंडिकेटर एक मजबूत बुलिश अंडरटोन दिखाते हैं, जो बड़े स्मॉल-कैप स्पेस में लगातार मजबूती को दिखाता है।

इसके उलट, निफ्टी मिडकैप 100 अपने 20-दिन के EMA से नीचे फिसल गया, जिससे कुछ शॉर्ट-टर्म कमजोरी दिखी। इसके अलावा, डेली RSI एक साइडवेज रेंज में चल रहा है, जो मजबूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी दिखाता है। मौजूदा टेक्निकल सेटअप बताता है कि इंडेक्स शॉर्ट टर्म में कंसोलिडेट करना जारी रख सकता है।

आगे, निफ्टी मिडकैप 100 के लिए 62,600-62,400 जोन से जरूरी सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जबकि 63,800-64,000 रेंज एक जरूरी रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम कर सकती है। इन दोनों लेवल से आगे एक बड़ा मूव अगला डायरेक्शनल ट्रेंड तय कर सकता है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 के लिए, 19,900-19,850 का 20-दिन का EMA जोन एक जरूरी सपोर्ट एरिया होगा। जब तक इंडेक्स 19,850 के निशान से ऊपर बना रहता है, तब तक मौजूदा अपट्रेंड के बने रहने की उम्मीद है। इससे शॉर्ट टर्म में 20,300 और उसके बाद 20,500 की ओर बढ़ने का रास्ता बनेगा।

क्या शुक्रवार का बड़ा गैप-अप BSE लिमिटेड में और तेजी का संकेत दे रहा है?

BSE 17 अगस्त को बने बेयरिश गैप को भरने में तो कामयाब रहा, लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। इससे एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनी, जिसकी ऊपरी शैडो साफ दिख रही थी। उस दिन के बाद से स्टॉक ज्यादातर ₹3,132–3,474 की रेंज में ही घूम रहा है। गिरता हुआ ADX उतार-चढ़ाव की कमी को दिखाता है, जबकि MACD लाइन सपाट हो गई है और जीरो लाइन के नीचे बनी हुई है। यह कमजोर मोमेंटम का संकेत है। 3,474 के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट चल रहे पुलबैक के आगे बढ़ने और और तेजी की गुंजाइश का संकेत दे सकता है।

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अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 आइडिया क्या हैं?

यथार्थ हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा केयर सर्विसेज: यथार्थ हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा केयर सर्विसेज मई की शुरुआत से ₹920-776 की रेंज में घूम रहा था। पिछले हफ्ते वॉल्यूम में अच्छी बढ़ोतरी के साथ स्टॉक ने अपनी रेंज से ब्रेकआउट दिया। इस ब्रेकआउट के बाद इस हफ्ते भी अच्छी चाल देखने को मिली। स्टॉक अभी भी अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेस से ऊपर ट्रेड कर रहा है।

ADX वीकली और डेली दोनों टाइमफ्रेम पर ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जो बुलिश ट्रेंड की मजबूती को दिखाता है। RSI अब ऊपर की ओर मुड़ गया है और 60 के लेवल से ऊपर आ गया है, जो फिर से बुलिश मोमेंटम को दिखाता है। इसलिए, ₹985-995 के जोन में ₹955 के स्टॉप-लॉस के साथ स्टॉक जमा करने (accumulate) की सलाह दी जाती है। ऊपर की तरफ, शॉर्ट टर्म में स्टॉक के ₹1,065 के लेवल तक पहुंचने की संभावना है।

KPR Mill: इसने हाल ही में डेली टाइमफ्रेम पर अपने 34-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) से मजबूत पुलबैक देखा। स्टॉक अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेस से ऊपर ट्रेड कर रहा है। RSI ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जो अच्छे बुलिश मोमेंटम को दिखाता है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों टाइमफ्रेम पर RSI में 60 के आस-पास के लेवल से रिबाउंड देखा गया, जो फिर से बुलिश मोमेंटम का संकेत है। वीकली और डेली दोनों टाइमफ्रेम पर ADX का बढ़ना बुलिश ट्रेंड की मजबूती दिखाता है। इसलिए, ₹1,140 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹1,175-1,190 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह है। ऊपर की तरफ, यह शॉर्ट टर्म में ₹1,270 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।

क्या आपको अगले हफ्ते संभावित ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट के बाद APL अपोलो ट्यूब्स में रैली का एक और बड़ा दौर दिख रहा है?

APL अपोलो हाल ही में 21 अप्रैल को बने अपने पिछले स्विंग हाई ₹2,173 के ऊपर गया। ब्रेकआउट के बाद, स्टॉक ने पहले के रेजिस्टेंस जोन को फिर से टेस्ट किया और थोड़ी देर के लिए उसके नीचे भी गया, लेकिन फिर जबरदस्त वापसी की और 4 सितंबर को लगभग 4 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) लगभग 60 से ऊपर गया है, जो फिर से तेजी का मोमेंटम दिखाता है। DI+ DI- से ऊपर बना हुआ है, जो बुल्स के मजबूत कंट्रोल को दर्शाता है। जब तक ₹2,180–2,170 का सपोर्ट जोन बना रहेगा, तब तक स्टॉक में अगले हफ्ते ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट देखने को मिल सकता है।

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