बाजार की आगे कि दशा और दिशा पर बात करने के लिए सीएनबीसी-आवाज के साथ जुड़े पाइपर सेरिका (Piper Serica) के संस्थापक और फंड मैनेजर अभय अग्रवाल। अभय के पास इन्वेस्टिंग की दुनिया का तीन दशक का अनुभव है। अभय जी जेपी मॉर्गन के साथ काम कर चुके हैं और खास तौर से मल्टी बैगर शेयर तलाशने के लिए जाने जाते हैं।
बड़े प्राइवेट बैंक अभी भी सस्ते नहीं
अभय अग्रवाल की राय है कि वोडा फोन पीएलसी और इंडस टॉवर डील पूरे टेलीकॉम सेक्टर के लिए एक शुभ संकेत है। बाजार पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद अब चुनावी सीजन की अनिश्चितता खत्म हो गई है। अब देशी और विदेशी निवेशक ये देख रहे हैं कि उनके पास भारतीय बाजार में निवेश करने के लिए कहां पर मौके दिख रहे हैं। प्राइवेट बैंकों में अब तक काफी टाइम करेक्शन हुआ है। इनमें बड़े फंडों की काफी ज्यादा होल्डिंग भी है। लेकिन अभी भी ये कहना की बड़े प्राइवेट बैंक में टिकाऊ तेजी आएगी, बड़ा मुश्किल है। बड़े प्राइवेट बैंक अभी भी सस्ते नहीं हैं। कॉस्ट बढ़ने के चलते इनके NIM पर दबाव कायम रहेगा। बड़े प्राइवेट बैंकों में बड़े इनफ्लो की उम्मीद कम है।
सरकार का फोकस एग्रीकल्चर, ग्रामीण इकोनॉमी और इश्यरेंस पर रहेगा
अभय का मानना है कि आने वाले बजट में और अगले 4-5 साल तक सरकार का फोकस एग्री इकोनॉमी पर बना रहेगा। कोविड के बाद से ओर अभी भी हमारी एग्रो इकोनॉमी काफी मुश्किलों से गुजर रही है। नई सरकार में शिवराज सिंह को कृषि मंत्री बनाया गया है। इससे लगता है एग्री सेक्टर पर सरकार का खास फोकस रहेगा। फर्टिलाइज को जीएसटी के दायरे से बाहर करने के एलान से इसकी पुष्टि भी हो गई है।
अभय ने आगे कहा कि इस बजट में हमें क्रॉप प्रोटेक्शन और फसल बीमा पर कुछ नया होता दिख सकता है। बजट मे हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर भी पॉजिटिव एलान हो सकता है। इन पर 18 फीसदी जीएसटी है। इसको कम किया जा सकता है। अभय को लगता है कि नई सरकार का एग्रीकल्चर, ग्रामीण इकोनॉमी और इश्योरेंस सेक्टर पर ज्यादा फोकस करेगी। ऐसे में जो स्टॉक इन सेक्टरों से जुड़े हुए हैं उनमें आगे तेजी देखने को मिल सकती है।
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