हिन्दी फिल्म 'हम दोनों' का एक गाना था-"मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया, हर फिक्र को धुएं में उड़ाता चला गया।" 1961 में आई इस फिल्म का यह गाना दिग्गज इनवेस्टर राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) पर बिल्कुल फिट बैठता है। वह खुद इस गाने को गुनगुनाया करते थे। उनके हाथ में जॉनी वॉकर ब्लू लेबल व्हिस्की का गिलास होता था। जगह होती थी Geoffrey's। इस पब और रेस्टॉरेंट के मैनेजर प्रिंस थंगम ने यह बताया।
झुझुनवाला अक्सर शेयर बाजार बंद होने के बाद इस पब में जाया करते थे। अक्सर उन्हें यह कहते सुना जाता था, "आज मार्केट खराब रहा, सर।" वह इस पब में अपने पसंदीदा टेबल पर बैठते थे। जब उनका मूड बातचीत करने का नहीं होता था तो वह अक्सर उन लोगों के सवालों के जवाब देते थे, जो उनसे सवाल करते रहते थे।
झुनझुनवाला कहते थे, "अरे नहीं यार, पैसे डाल के रखो, टाइम के साथ ऊपर ही जाना है।" उसके बाद वह विनम्रता से टॉपिक बदल देते थे। फिर वह लोगों से उकने पेशे और उनके परिवार के बारे में पूछते थे। Geoffrey's मरीन ड्राइव पर होटल Marine Plaza में है। यह इस इलाके का इकलौता पब है, जो म्यूजिक और इंटीरियर के मामले में इंग्लिश फीलिंग देता है।
ऐसा लगता है कि यह पब इसी वजह से झुनझुनवाला को पसंद था। उन्हें जानने वाले बताते हैं कि वह इस पब में बैठना पसंद करते थे। 'बिग बुल' पुराने अंग्रेजी गाने सुनना पसंद करते थे। कभी-कभी वह अपने फोन पर हिन्दी गाने बजाते थे और साथ में खुद भी गुनगुनाते थे। उन्हें अंग्रेजी कविताएं भी पसंद थीं। पब के स्टाफ उन्हें कई बार अंग्रेजी कविताएं गाते भी सुना करते थे।
बिग बुल ने एक बार अपने करीबी मित्र रमेश दमानी को अपने 60वें जन्मदिन पर बताया था कि वे ऐसा हॉबी डेवलप करना चाहते हैं जो बुढापे में उन्हें व्यस्त रखेगा। वह गाने गाना (Singing) सीखना चाहते थे। थंगम इस पब में करीब पांच दशकों से झुनझुवाला को सेवाएं देते आए थे। वह बताते हैं कि खास मसाले के साथ उबले अडें बिग बुल को बहुत पसंद थे।
झुनझुनवाला को प्लेट में टमाटर, लहसुन के साथ सब्जियां बहुत पसंद थीं। वे करीने के साथ ये चीजें प्लेट में सजी हुई चाहते थे। जबकभी वह पब में फोन कर अपने आने के बारे में बताते थे तो शेफ उनके लिए यह डिश तैयार करते थे। सेवाएं देने वाले स्टाफ के साथ वह घुलमिल जाते थे। कई बार वह उनके साथ हंसी-मजाक भी करते थे।
झुनझुनवाला ने एक बार जब अपनी रेगुलर ड्रिंक की जगह सस्ती ड्रिंक मंगाई तो एक वेटर ने इसका कारण पूछा। उन्होंने जवाब दिया, 'अरे दोस्त, बाजार में रोज पैसा नहीं बनता है।' शायद ऐसा उनका बताने का एक तरीका था कि आज ऑफिस में दिन अच्छा नहीं रहा।