RBI MPC Meeting: क्या कम होगी आपकी EMI? गवर्नर संजय मल्होत्रा करेंगे बड़ा ऐलान, जानिए कब और कहा देख सकेंगे लाइव

RBI Monetary Policy August: जून की पिछली बैठक में भी रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा गया था। आम उपभोक्ताओं से लेकर शेयर बाजार के निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस बार होम लोन और ऑटो लोन की EMI में कोई राहत मिलेगी या दरें यथावत रहेंगी

अपडेटेड Aug 04, 2026 पर 9:27 AM
गवर्नर संजय मल्होत्रा 5 अगस्त को सुबह 10:00 बजे पॉलिसी फैसलों का ऐलान करेंगे

RBI Monetary Policy August 2026: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के नतीजों की घोषणा कल 5 अगस्त 2026 को होने वाली है। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव और जून में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38% पहुंचने के बीच नए गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में यह साल 2026 की चौथी क्रेडिट पॉलिसी बैठक है।

जून की पिछली बैठक में भी रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा गया था। आम उपभोक्ताओं से लेकर शेयर बाजार के निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस बार होम लोन और ऑटो लोन की EMI में कोई राहत मिलेगी या दरें यथावत रहेंगी। आइए जानते हैं आरबीआई पॉलिसी की टाइमिंग, लाइव स्ट्रीमिंग और बाजार के जानकारों की उम्मीदें।

कब और कहां देखें गवर्नर संजय मल्होत्रा की प्रेस कॉन्फ्रेंस LIVE?


आरबीआई की मौद्रिक नीति से जुड़े फैसले और प्रेस कॉन्फ्रेंस को आप सीधे लाइव देख सकते हैं। गवर्नर संजय मल्होत्रा 5 अगस्त को सुबह 10:00 बजे पॉलिसी फैसलों का ऐलान करेंगे। नीतिगत फैसलों के बाद दोपहर 12:00 बजे गवर्नर मीडिया को संबोधित करेंगे और पत्रकारों के सवालों के जवाब देंगे। इस पॉलिसी अनाउंसमेंट और प्रेस कॉन्फ्रेंस का सीधा प्रसारण RBI की आधिकारिक वेबसाइट, YouTube चैनल और X हैंडल पर किया जाएगा। आप मनीकंट्रोल हिन्दी पर भी पल-पल के लाइव अपडेट्स पढ़ सकते हैं।

रेपो रेट पर क्या है एक्सपर्ट्स की राय?

मनीकंट्रोल द्वारा 16 मार्केट एक्सपर्ट्स और अर्थशास्त्रियों के बीच कराए गए पोल के मुताबिक, RBI इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा और इसे 5.25% पर बरकरार रखेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि दरें स्थिर रहने की मुख्य वजहें ये हैं:

महंगाई और ग्रोथ का संतुलन: Citi के चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट समीरन चक्रवर्ती के अनुसार, हालांकि कोर इन्फ्लेशन में मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यह अभी भी आरबीआई के कम्फर्ट जोन में है। जब तक कोर इन्फ्लेशन 4.5% के ऊपर लगातार नहीं बना रहता, तब तक 2026 में रेट हाइक की संभावना बहुत कम है।

कच्चे तेल का दबाव: SBM बैंक (इंडिया) के फाइनेंशियल मार्केट्स हेड मंदार पिताले ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई का जोखिम तो बढ़ाती हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति नियंत्रण में है। अगर क्रूड की कीमतें $90-$100 प्रति बैरल के पार जाती हैं, तभी आगे चलकर दरें बढ़ाने पर विचार हो सकता है।

घरेलू कारक रहेंगे हावी: इक्विरस कैपिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर विनय पाई और इक्विरस सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड मौलिक पटेल का मानना है कि आरबीआई का फैसला वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नकल करने के बजाय पूरी तरह से भारत की घरेलू महंगाई, लिक्विडिटी और आर्थिक ग्रोथ पर आधारित होगा।

गवर्नर संजय मल्होत्रा के हालिया कदम

पद संभालने के बाद संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में यह चौथी एमपीसी बैठक है। हाल ही में भारतीय रुपये की गिरावट को रोकने और विदेशी पूंजी का प्रवाह बनाए रखने के लिए उन्होंने एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECBs) और FCNRB डिपॉजिट्स से जुड़े कई नए दिशानिर्देश जारी किए थे।

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