आरबीआई ने मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान कर दिया है। उसने रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट 5.25 फीसदी पर बना हुआ है। इसका मतलब है कि होम लोन और कार लोन की ईएमआई बढ़ने नहीं जा रही है। इसका अनुमान पहले से था। जानकारों का कहना था कि आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा अगस्त की पॉलिसी में रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करेंगे।
मॉनेटरी पॉलिसी अनुमान के मुताबिक
मनीकंट्रोल के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट्स और एनालिस्ट्स का मानना था कि केंद्रीय बैंक रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर बनाए रखेगा। उसका रुख भी न्यूट्रल बना रहेगा। 5 अगस्त को केंद्रीय बैंक की पॉलिसी अनुमान के मुताबिक रही। आरबीआई ने रेपो रेट और अपने रुख में किसी तरह का बदलाव नहीं किया। लेकिन, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनफ्लेशन पर आरबीआई की नजर बनी रहेगी। आगे केंद्रीय बैंक की पॉलिसी इनफ्लेशन के डेटा पर निर्भर करेगी।
3 दिन की MPC की बैठक में हुआ फैसला
RBI की मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक 3 अगस्त को शुरू हुई थी। इसके नतीजे आज आए। आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने तीन दिन की बैठक में केंद्रीय बैेंक ने घरेलू इकोनॉमी के साथ ही वैश्विक इकोनॉमी के हालात पर चर्चा की। खासकर उसकी नजरें जियोपॉलिटिकल स्थिति पर थीं। आरबीआई का मानना है कि वैश्विक स्थितियां अभी भी अनिश्चित हैं।
जीडीपी ग्रोथ 6.7 फीसदी रह सकती है
आरबीआई ने पॉलिसी में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। हालांकि, उसने 5 अगस्त को जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। लेकिन, एसबीआई रिसर्च का मानना है कि अप्रैल-जून तिमाही में ग्रोथ करीब 7 फीसदी रह सकती है। इसका मतलब है कि अगर इकोनॉमी की स्थिति आगे अच्छी रहती है तो केंद्रीय बैंक ग्रोथ के अनुमान को बढ़ा सकता है।
अक्टूबर की पॉलिसी में बढ़ सकता है रेट
जानकारों का कहना है कि भले ही आज आरबीआई ने रेपो रेट नहीं बढ़ाया है, लेकिन, महंगाई बढ़ने पर वह आगे रेट बढ़ा सकता है। इससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन महंगे होंगे। साथ ही पहले लोन ले चुके लोगों की EMI भी बढ़ जाएगी। लेकिन, फिलहाल होम लोन और कार लोन के ग्राहकों को राहत मिली है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आगे आरबीआई का फैसला इनफ्लेशन के डेटा पर निर्भर करेगा। अगर इनफ्लेशन ज्यादा नहीं बढ़ता है तो अक्टूबर की पॉलिसी में भी वह रेपो रेट अपरिवर्तित बनाए रख सकता है।