RIL AGM 2026 : ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद रिलायंस ने हासिल किया रिकॉर्ड तोड़ रेवेन्यू,EBITDA और नेट प्रॉफिट

RIL AGM 2026 : आरआईएल एजीएम 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा है कि कंपनी ने वित्त वर्ष 26 में भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर किया है और ग्लोबल एक्सचेंज के बावजूद रिकॉर्ड रेवेन्यू, ईबीआईटीडीए और ज्यादा नेट प्रॉफिट हासिल किया है

अपडेटेड Jun 19, 2026 पर 2:49 PM
RIL AGM 2026 : FY26 में RIL का EBITDA बढ़कर ₹2,07,911 करोड़ हो गया। इस दौरान कंपनी का हर पांच साल में EBITDA दोगुना करने का सिलसिला कायम रहा है

RIL AGM 2026 : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने FY26 में कैपेक्स (capex) पर ₹1,44,271 करोड़ ($15.2 अरब) खर्च किए। इस दौरान RIL का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹11,75,919 करोड़ ($124.0 अरब) रहा। इसमें सालाना आधार पर 9.8% फीसदी की बढ़त हुई है। कंपनी की 49वीं सालाना आम बैठक में ये आंकड़े बताते हुए,RIL के चेयरमैन और MD मुकेश अंबानी ने शेयरहोल्डर्स से कहा कि ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद,रिलायंस ने FY 26 में रिकॉर्डतोड़ रेवेन्यू,EBITDA और नेट प्रॉफ़िट हासिल किया है।

FY26 में RIL का EBITDA बढ़कर ₹2,07,911 करोड़ ($21.9 बिलियन) हो गया। इस दौरान कंपनी का हर पांच साल में EBITDA दोगुना करने का सिलसिला कायम रहा है। FY21 में RIL का EBITDA ₹97,580 करोड़ था। FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफ़िट ₹95,754 करोड़ ($10.1 बिलियन) रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 17.8% ज़्यादा है।

कैपेक्स पर एक नजर


वित्त वर्ष 2026 में कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) के खर्च के बारे में बात करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि पिछले पांच सालों में रिलायंस का कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर 6,48,428 करोड़ रुपये या 68.4 अरब डॉलर से ज्यादा रहा है। अंबानी ने कहा कि इस दौरान RIL ने capex पर भारत की किसी भी दूसरी कंपनी से ज़्यादा खर्च किया। उन्होंने आगे कहा कि पिछले पांच सालों में भारत की टॉप-50 कंपनियों की ओर से किए गए कुल कैपिटल इन्वेस्टमेंट में रिलायंस का योगदान लगभग एक-तिहाई रहा है।

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एक्सपोर्ट,सरकारी खजाने और CSR में रिलायंस का योगदान

वित्त वर्ष 2026 में रिलायंस का एक्सपोर्ट 2,78,808 करोड़ रुपये (29.4 अरब डॉलर) रहा,जो इस साल के भारत के कुल मर्चेंडाइज़ एक्सपोर्ट का 6.7% था। रिलायंस सरकारी खजाने में सबसे ज्यादा योगदान देने वाली कंपनी बनी रही,जिसने 2,16,472 करोड़ रुपये (22.8 अरब डॉलर) का योगदान दिया।

सबको साथ लेकर विकास के रास्ते पर बढ़ने के प्रति रिलायंस का संकल्प अडिग

मुकेश अंबानी ने कहा कि सबको साथ लेकर विकास के रास्ते पर बढ़ने के प्रति रिलायंस का संकल्प अडिग है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का CSR खर्च 2,248 करोड़ रुपये (237 मिलियन डॉलर) रहा। उन्होंने कहा कि यह किसी एक भारतीय कंपनी द्वारा किया गया सबसे ज़्यादा खर्च था।

उन्होंने कहा,"इन उपलब्धियों के पीछे हमारी समझदारी भरी कैपिटल एलोकेशन पॉलिसी,जोखिमों का समय से सही प्रबंधन,मज़बूत बैलेंस शीट और बढ़ता कैश फ्लो है। इसका असर S&P द्वारा रिलायंस की ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग को A- और Moody's द्वारा Baa1 करने में दिखता है। ये दोनों ही रेटिंग भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग से दो पायदान ऊपर हैं।"

 

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

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