आईआईएफएल होम फाइनैंस (IIFLHF) ने निवेशकों के लिए अपना नॉन कन्वर्टिबिल डिबेंचर (NCD) लॉन्च कर दिया है। क्या जोखिम को ध्यान में रखते हुए ब्याज दरें आकर्षक हैं? क्या आपको इस एनसीडी (NCD) में निवेश करना चाहिए? हम आपको इन्हीं सवालों के जवाब देने की कोशिश कर रहे हैं...
IIFLHF का यह एनसीडी (NCD) 8 दिसंबर को खुल गया है। इसमें कंपनी की दूसरी किस्त में एनसीडी जारी करके 900 करोड़ रुपये (कुल 1000 करोड़ रुपये तक) के ओवरसब्सक्रिप्शन के विकल्प के साथ 100 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। ये सिक्योर्ड एनसीडी हैं और इसे ‘CRISIL AA/Stable’ ‘BWR AA+/Negative (Assigned)’ रेटिंग मिली है। इस रेटिंग वाले इंस्ट्रुमेंट्स में वित्तीय दायित्वों को पूरा करने के लिए उच्च स्तर की सेफ्टी होती है। ऐसे इंस्ट्रुमेंट्स के साथ खासा कम क्रेडिट रिस्क होता है। इस इश्यू की फेस वैल्यू 1,000 रुपये है। एनसीडी को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट कराया जाएगा। न्यूनतम 10,000 रुपये के एनसीडी के लिए आवेदन कर सकते हैं। एनसीडी को डिमैट फॉर्म में जारी किया जाता है।
IIFLHF तीन श्रेणियों- हाउसिंग, सिक्योर्ड बिजनेस और सस्ते हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए फाइनेंसिंग से संबंधित मॉर्टगेज की पेशकश करती है। 30 सितंबर, 2021 की स्थिति के अनुसार, एसेट अंडर मैनेजमेंट इनकी हिस्सेदारी क्रमशः 73.10 फीसदी, 24.66 फीसदी और 2.24 फीसदी है। लोन को मंजूरी देते समय हाउसिंग लोन्स और सिक्योर्ड बिजनेस लोन के लिए लोन-टू-वैल्यू रेश्यो क्रमशः 71.78 फीसदीऔर 47.24 फीसदी रखते हैं। 30 सितंबर, 2021 तक कंपनी की ग्रॉस नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स और नेट नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स का क्रमशः 2.07 फीसदी और 1.39 फीसदी था।
कोविड ने नहीं दिया झटका तो कम हो सकता है एनपीए
बॉन्ड्सइंडिया डॉट कॉम के को-फाउंडर और सीईओ अंकित गुप्ता कहते हैं, “अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर से बाहर आ चुकी है और ग्रोथ की राह पर है। यदि कोविड-19 का नया वैरिएंट ग्रोथ को झटका नहीं देता है तो लोन बुक में एनपीए की हिस्सेदारी आगे खासी कम हो सकती है।”
एनसीडी 36, 60 और 84 महीनों की अवधि के लिए 8.25 फीसदी से 8.75 फीसदी तक ब्याज दरों की पेशकश करता है।
आईआईएफएल के शेयरहोल्डर्स को मिलेगी 25 बीपीएस अंक ज्यादा ब्याज
एक बात ध्यान रखनी चाहिए फिक्स्ड डिपॉजिट (fixed deposits) नेचर में अऩसिक्योर्ड हैं, जबकि एनसीडी सिक्योर्ड हैं। एनसीडी मासिक, सालाना या मैच्योरिटी के समय ब्याद देती हैं। आईआईएफएल के शेयरहोल्डर सीरीज I, III, IV, VI और VII पर अतिरिक्त 25 बेसिस प्वाइंट्स के लिए पात्र हैं, हालांकि कुछ शर्तें भी जुड़ी हैं।
सिनर्जी कैपिटल सर्विसेज के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रम दलाल कहते हैं, “36 महीनों में मैच्योर होने वाली एनसीडी में निवेश की योजना बना रहे निवेशकों के लिए ब्याज दर काफी आकर्षक हैं।” निवेशकों के लिए बढ़ती ब्याज दरें और अनुमान से कम आर्थिक विकास की संभावना दो अहम जोखिम हैं। उन्होंने कहा, “लॉन्ग टर्म के लिए पैसा फंसाने से बचें। शॉर्ट टर्म में मैच्योर होने वाली एनसीडी तक ही खुद की सीमित रखें।”
इस प्रकार तीन साल में मैच्योर हो रहीं एनसीडी निचले इनकम टैक्स ब्रेकिट में आने निवेशकों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि, डायवर्सिफिकेशन की अनदेखी न करें, क्योंकि इससे जोखिम कम करने में मदद मिलती है। अपना पूरा पैसा एनसीडी में सिर्फ इसलिए न लगा दें, क्योंकि इसमें फिक्स्ड डिपॉजिट से ज्यादा रिटर्न मिल रहा है। दलाल ने कहा, “चूंकि इसी तरह की एए रेटिंग वाली एनसीडी स्टॉक एक्सचेंजों पर ज्यादा यील्ड के साथ ट्रेड कर रही हैं, इसलिए निवेशकों को मैच्योरिटी तक इन्हें होल्ड करने के लिए तैयार रहना चाहिए।”
गुप्ता कहते हैं, “इन्वेस्टर्स को पहले सेकेंडरी मार्केट के अवसरों पर गौर करना चाहिए, क्योंकि कुछ एए रेटेड सिक्योर्ड पेपर बेहतर यील्ड की पेशकश करते हैं। निवेशक अपनी पूंजी को प्राइमरी इश्यू और सेकेंडरी मार्केट की डील्स के बीच बांट सकते हैं।”
यह पब्लिक इश्यू 28 दिसंबर, 2021 को बंद हो जाएगा।