मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने एक्सेल रियल्टी एन इंफ्रा (Excel Realty N Infra) और उसके प्रमोटरों सहित 5 एंटिटीज को सिक्योरिटीज मार्केट से बैन कर दिया है। इन पर दो साल की अवधि के लिए प्रतिबंध के साथ 1.75 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सेबी ने यह कार्रवाई कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को गलत तरीके से पेश करने की धोखाधड़ी में शामिल होने के चलते की है। एक्सेल रियल्टी एन इंफ्रा के अलावा जिन लोगों पर कार्रवाई की है गई उनमें शामिल हैं - लखमेंद्र चमनलाल खुराना (एक्सेल के चेयरमैन और MD), रंजना खुराना लखमेंद्र, अर्पित लखमेंद्र खुराना और प्रमोद यशवंत कोकाटे जो कि एक्सेल के मुख्य वित्तीय अधिकारी थे।
सेबी को जांच में क्या मिला?
सेबी को मिली एक शिकायत के आधार पर मार्केट रेगुलेटर ने अप्रैल 2016 से मार्च 2021 की अवधि के लिए एक्सेल रियल्टी एन इंफ्रा के मामलों की जांच की। अपनी जांच में सेबी ने पाया कि वित्त वर्ष 2016-17 से 2020-21 तक एक्सेल द्वारा 24 सेलर पार्टीज के साथ लगभग 119 करोड़ रुपये के लेनदेन किए गए। यह एक्सेल की कुल संपत्ति का लगभग 66 फीसदी है। फर्म ने इसकी जानकारी बैलेंस शीट में गलत तरीके से दी।
सेबी ने पाया कि वित्त वर्ष 2016-17 से 2020-21 की अवधि के दौरान लखमेंद्र चमनलाल खुराना एक्सेल के चेयरमैन और MD थे और एक्सेल की ओर से मैनेजमेंट और वित्तीय निर्णय उनके द्वारा लिए गए थे। रंजना और अर्पित इस अवधि में एक्सेल के होलटाइम डायरेक्टर थे। सेबी ने शुक्रवार को पारित अंतिम आदेश में कहा कि निदेशक मंडल का हिस्सा होने के नाते उन्होंने कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी दी।
इसके अलावा, सेबी ने पाया कि कोकाटे इस अवधि के दौरान एक्सेल के CFO थे और उनके द्वारा जारी किए गए सर्टिफिकेट्स यह प्रमाणित करते हैं कि कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में कोई गलत या भ्रामक बयान या आंकड़े नहीं हैं और कोई भी अहम तथ्य नहीं छोड़ा गया है। इस तरह के चीजों में शामिल होकर लखमेंद्र, रंजना, अर्पित और कोकाटे ने PFUTP और डिसक्लोजर से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया है।
कुल मिलाकर, सेबी ने लखमेंद्र चमनलाल खुराना पर 1 करोड़ रुपये, रंजना और अर्पित पर 25-25 लाख रुपये, कोकाटे पर 15 लाख रुपये और एक्सेल रियल्टी एन इंफ्रा पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।