अपराधी चाहे लाख चालाकी कर ले, वह कुछ न कुछ सुराग छोड़ ही देता है। यह सु्राग उस तक पहुंचने में पुलिस की मदद करता है। हम बात कर रहे हैं शेयर घोटाला करने वाले केतन पारेख की। उस तक सेबी के पहुंचने की कहानी किसी चोर तक पुलिस के पहुंचने की कहानी से ज्यादा दिलचस्प है। पारेख ने शेयर घोटाले को अंजाम देने में खूब चालाकी की। लेकिन, वह सेबी की पकड़ में आने से नहीं बच सका। सेबी ने उस फ्रंट-रनिंग शेयर घोटाले का खुलासा कर दिया है, जिसका सरगना केतन पारेख था।
