नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का शेयर क्या खुद के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होगा? कई इनवेस्टर्स के दिमाग में यह सवाल चल रहा है। एनएसई का शेयर 24 सितंबर को बीएसई पर लिस्ट हुआ था। लेकिन, एनएसई की इच्छा इसे खुद के प्लेटफॉर्म पर भी लिस्ट कराने की रही है। लेकिन, सेबी के नियम के मुताबिक, किसी एक्सचेंज का शेयर खुद के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट नहीं हो सकता।
सेबी की कमेटी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही
SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने 30 सितंबर को इस बारे में स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अभी सेबी की कोई कमेटी एक्सचेंज को अपने ही प्लेटफॉर्म पर खुद के शेयर लिस्ट कराने की इजाजत देने वाले प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा, ""हम अभी सेल्फ-लिस्टिंग पर विचार नहीं कर रहे। अगर ऐसा होता है तो इस बारे में बताया जाएगा।
अभी एक्सचेज को सेल्फ-लिस्टिंग की इजाजत नहीं
पांडे का यह जवाब इसलिए अहम है, क्योंकि एक दिन पहले सीएनबीसी-टीवी18 ने खबर दी थी कि सेबी एक्सचेंजों को सेल्फ-लिस्टिंग की इजाजत देने के मसले पर विचार के लिए एक कमेटी बना सकता है। सीएनबीसी-टीवी18 ने यह भी कहा था कि अगर सेल्फ-लिस्टिंग की इजाजत मिलती है तो यह पहले से एक्सचेंज में लिस्ट एक्सचेंज पर भी लागू होगा।
बीएसई का शेयर सिर्फ एनएसई पर लिस्टेड
एनएसई के चेयरमैन श्रीनिवास एंजेटी ने पिछले हफ्ते के आखिर में कहा था कि मार्केट रेगुलेटर को एक्सचेंज को अपने शेयर खुद के ही प्लेटफॉर्म पर लिस्ट कराने की इजाजत देनी चाहिए। बीएसई का शेयर 2017 में लिस्ट हुआ था। यह शेयर सिर्फ एनएसई पर लिस्ट है। बीएसई के अपने प्लेटफॉर्म पर उसके शेयर की ट्रेडिंग नहीं होती है।
सेबी ने 2015 में प्रस्ताव पर किया था विचार
SEBI ने 2015 में एक्सचेंज को खुद के ही प्लेटफॉर्म पर अपने शेयर लिस्ट कराने के मसले पर विचार किया था। लेकिन, हितों के टकराव की वजह से उसने इसकी इजाजत नहीं दी थी। इस वजह से किसी एक्सचेंज को अपने शेयर खुद के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट कराने की इजाजत नहीं है। हालांकि, दुनिया के कई बड़े देशों में स्टॉक एक्सचेंज को अपने ही प्लेटफॉर्म पर अपने शेयर लिस्ट कराने की इजाजत है।
एनएसई और बीएसई के शेयरों पर दबाव
30 सितंबर को NSE का शेयर 1:20 बजे 0.11 फीसदी गिरकर 1,767.40 रुपये पर चल रहा था। यह शेयर 1,785 रुपये के अपने इश्यू प्राइस से नीचे आ गया है। बीएसई का शेयर 2.59 फीसदी गिरकर 3,117 रुपये पर चल रहा था। हालांकि, शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में रिकवरी देखने को मिली।