Senesex-Nifty Opens Red: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फार्मा कंपनियों पर 'बड़े टैरिफ' का ऐलान कर घबराहट बढ़ा दी जिससे एक कारोबारी दिन पहले बुल्स की पकड़ में आया मार्केट फिसल गया। अब मार्केट की नजर आरबीआई के ऐलान पर है जो इस वित्त वर्ष 2026 की पहली मॉनीटरी पॉलिसी का ऐलान करने वाला है। इस ऐलान से पहले आज मार्केट में बिकवाली का दबाव दिख रहा है। ऑटो और एफमसीजी को छोड़ हर सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स ग्रीन है। हालांकि निफ्टी ऑटो और निफ्टी एफएमसीजी में आधे फीसदी के ही आस-पास तेजी है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव है।
ओवरऑल बात करें तो 7 अप्रैल को 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक गंवाने के बाद BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 8 अप्रैल को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक रिकवर हुआ था लेकिन आज फिर 1.80 लाख करोड़ घट गई है यानी निवेशकों की दौलत मार्केट खुलते ही 1.80 लाख करोड़ रुपये डूब गई है। बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) फिलहाल 487.79 प्वाइंट्स यानी 0.66% की गिरावट के साथ 73739.29 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 129.35 प्वाइंट्स यानी 0.57% फिसलकर 22406.50 पर है।
निवेशकों की दौलत में 1.80 लाख करोड़ रुपये की गिरावट
एक कारोबारी दिन पहले यानी 8 अप्रैल 2025 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप 3,96,57,703.44 करोड़ रुपये था। आज यानी 8 अप्रैल को मार्केट खुलते ही यह 1,80,830.82 करोड़ रुपये पर आ गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी 1,80,830.82 करोड़ रुपये घट गई है।
Sensex के 12 शेयर ग्रीन जोन में
सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें 12 ग्रीन जोन में हैं। सबसे अधिक तेजी पावरग्रिड नेस्ले और एमएंडएम में है। वहीं दूसरी तरफ इंफोसिस, टेक महिंद्रा और टाटा स्टील में सबसे तेज गिरावट है।
बीएसई पर आज 2234 शेयरों की ट्रेडिंग हो रही है। इसमें 932 शेयर मजबूत दिख रहे हैं तो 1150 में गिरावट का रुझान है और 152 में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है। इसके अलावा 12 शेयर एक साल के हाई और 15 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 40 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 28 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।