Share Market Rally: घरेलू स्टॉक मार्केट में आज काफी रौनक रही। इंट्रा-डे में आज सेंसेक्स करीब 1000 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी 50 भी 24300 के काफी करीब पहुंचा। ब्रोडर लेवल पर भी आज काफी रौनक रही लेकिन स्मॉलकैप स्पेस में थोड़ी अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 आज 0.82% बढ़त के साथ बंद हुआ तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब डेढ़ फीसदी मजबूत हुआ। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 888.68 प्वाइंट्स यानी 1.16% की बढ़त के साथ 77,654.60 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 264.85 प्वाइंट्स यानी 1.10% के उछाल के साथ 24,250.20 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 999.57 प्वाइंट्स उछलकर 77,765.49 तो निफ्टी 298.20 प्वाइंट्स उछलकर 24,283.55 तक पहुंचा था।
Share Market Rally: ये है वजह
आईटी सेक्टर में आज लगातार चौथे दिन रौनक रही और इन चार दिनों में इसका निफ्टी इंडेक्स 9% से अधिक मजबूत हुआ। आज की बात करें तो यह 2% से अधिक मजबूत हुआ। यह वैश्विक चिप कंपनियों के मुकाबले किसी महीने में अब तक की सबसे अधिक तेजी की तरफ बढ़ रहा है। यह एआई को लेकर सुस्ती और आईटी सर्विसेज कंपनियों में फिर से बढ़ती दिलचस्पी का संकेत है। यह ऐसे समय में हो रहा है, जब वैश्विक चिप और एआई सेक्टर के बैरोमीटर माने जाने वाला दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स जून के मध्य में अपने हाई लेवल से फिलहाल 30% से अधिक नीचे आ चुका है।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी
मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय मार्केट में ₹755 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की जिससे मार्केट को सपोर्ट मिला।
अमेरिकी फेड की मौद्रिक नीति
महंगाई बढ़ने के बावजूद मार्केट का बड़े पैमाने पर मानना है कि अमेरिकी फेड ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। हालांकि जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि इसका भारतीय मार्केट पर असर पड़ने की संभावना कम है क्योंकि बाजार ने इसे पहले ही मान लिया है तो ऐसे में अगर अमेरिकी फेड ब्याज दरें बढ़ाता है तो थोड़ा झटका लग सकता है। उनका मानना है कि दरों को स्थिर रखने के बावजूद फेड मार्केट को एक स्पष्ट संदेश देने के लिए सख्त रुख अपना सकता है।
मार्केट की घबराहट को मापने वाले इंडिया विक्स में गिरावट से मार्केट को सपोर्ट मिला। फिलहाल यह 4.41% की गिरावट के साथ 12.01 पर बंद हुआ है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट-टर्म में वोलैटिलिटी का बढ़ने और कम होने का मतलब वोलैटिलिटी के कम होने का संकेत है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि जब तक मार्केट 24,050 के ऊपर है, यह 24,500 की तरफ बढ़ सकता है। वहीं नीचे की तरफ सपोर्ट लेवल 24800 पर है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।