भारतीय शेयर बाजार में 19 जून को बिकवाली का जबरदस्त दबाव रहा। सेंसेक्स की ओपनिंग लाल निशान में हुई और फिर यह पिछली क्लोजिंग से 940.26 अंक तक फिसलकर 76,469.72 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी 266.1 अंक टूटकर 23,901.90 के लो तक गया। बाद में सेंसेक्स 607.08 अंकों की गिरावट के साथ 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंकों की गिरावट के साथ 24,013.10 पर बंद हुआ।
एक दिन पहले गुरुवार को शेयर बाजारों में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में तेजी रही थी। सेंसेक्स 254.36 अंक चढ़कर 77,409.98 पर बंद हुआ था। निफ्टी 82.30 अंक चढ़कर 24,168 पर बंद हुआ था। शुक्रवार को बाजार किन कारणों से फिसला, आइए जानते हैं...
IT शेयरों में जबरदस्त बिकवाली
IT शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव है। Nifty IT इंडेक्स 3 प्रतिशत से ज्यादा टूटा। इंफोसिस में 6.5 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 3 प्रतिशत की गिरावट आई। दरअसल दिग्गज आईटी कंपनी Accenture ने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को कम कर दिया है और डिमांड कमजोर रहने का संकेत दिया है। इससे ग्लोबल टेक्नोलॉजी खर्च में रिकवरी की रफ्तार को लेकर चिंता बढ़ गई। भारतीय आईटी शेयर भी दबाव में आ गए।
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) कैश मार्केट में फिर से नेट सेलर बन गए हैं। गुरुवार को उन्होंने 1,025.20 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इससे पहले बुधवार को उन्होंने 101.59 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
तेल की कीमतें कम होने की वजह से पिछले 5 सेशंस में सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंकों और निफ्टी में 1,006.4 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। इस बढ़त को देखते हुए निवेशकों की ओर से उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली का भी गिरावट में हाथ है।
दूसरे एशियाई बाजारों की कमजोरी
अन्य एशियाई बाजारों में हेंग सेंग 1.6 प्रतिशत गिरा है। सेट कंपोजिट में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट है। शंघाई कंपोजिट और कॉस्पी भी नीचे आया है। वहीं निक्केई 225 फ्लैट है। हालांकि अमेरिकी बाजार हरे निशान में बंद हुए हैं। यूरोपीय बाजारों में भी तेजी है।
शेयर बाजार में अस्थिरता को मापने वाला India VIX दिन में लगभग 6 प्रतिशत बढ़कर 13.37 हो गया। इस वोलैटिलिटी इंडेक्स में बढ़ोतरी आम तौर पर निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता और निकट भविष्य में मार्केट में तेज उतार-चढ़ाव का संकेत देती है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।