Share Market Falls: शेयर बाजार में आज 30 सितंबर को भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स जहां 1,272 अंक या 1.49 फीसदी लुढ़ककर 84,300 के स्तर पर बंद गया। वहीं निफ्टी भी करीब 368 अंक टूटकर 25,810 के स्तर पर आ गया। इसके चलते बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब आज दिन भर में करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये घटकर 474.38 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। सबसे अधिक गिरावट बैकिंग, ऑटो और रियल्टी शेयरों में देखने को मिली।
आइए जानते हैं कि आज शेयर बाजार में गिरावट के पीछे 5 प्रमुख कारण क्या रहे-
2. विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से बिकवाली के चलते शेयर बाजार दबाव में हैं। इससे पहले शुक्रवार 27 सितंबर को भी विदेशी निवेशकों ने करीब 1,209.10 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। आज 30 सितंबर को इस बिकवाली के इससे भी अधिक रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के वी के विजयकुमार ने कहा, "विदेशी निवेशकों की बिकवाली के पीछे एक अहम कारण चाइनीज शेयरों का बेहतर प्रदर्शन है। सितंबर में हैंग सेंग इंडेक्स में लगभग 18 प्रतिशत की भारी तेजी से यह साफ पता चलता है। चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था के रिवाइवल के लिए हाल ही में अपनी मॉनिटरी पॉलिसी में बदलाव भी किया है।"
मार्केट एनालिस्ट्स पिछले कुछ समय से बाजार के ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर चिंता जता रहे हैं। इसके चलते नए निवेशक बाजार में पैसा डालने से पहले सतर्कता बरत रहे हैं। साथ ही कई सेगमेंट में मुनाफावसूली देखने को मिल रही है। फंड मैनेजर संदीप अग्रवाल ने बताया, "हमें महंगे साइड पर हैं, लेकिन अभी भी भारत की तरह ग्रोथ क्षमता वाले बहुत कम मार्केट्स हैं।" उन्होंने कहा, "हमारा फिस्कल डेफिसिट और महंगाई काबू में है। रुपया भी स्थिर है। मेरा मानना है कि FII की ओर से जल्द ही काफी सारा पैसा आना शुरू हो सकता है, इससे बाजार की री-रेटिंग हो सकती है। बाजार महंगा जरूर लग रहा है, लेकिन अब फंडामेंटल तौर पर मजबूत पोजिशन में है।"
4. मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह की हत्या से मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है। इजराइल के हमले में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक सीनियर कमांडर की भी मौत हो गई। ऐसे में सबकी नजरें इस पर टिकी हैं, ईरान अब इस मामले में किस तरह से प्रतिक्रिया देता है। इस बीच रूस के प्रधानमंत्री के ईरान जाने की खबरें आ रही है। अगर मिडिल ईस्ट की लड़ाई में अमेरिका और रूस जैसी बड़ी शक्तियां कूदती हैं, तो इससे ग्लोबल स्तर पर बड़ी हलचल मच सकती है। हालांकि संदीप अग्रवाल को मिडिल ईस्ट तनाव के चलते बाजार में केवल छोटी गिरावट आने का अनुमान है।
5. यूएस इकोनॉमी से जुड़े डेटा
इस सप्ताह कई अहम अमेरिकी डेटा जारी होने वाले हैं, जिसमें फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पावेल का भाषण भी शामिल है। इसके अलावा, अमेरिका की बेरोजगारी दर और गैर-कृषि सेक्टर का रोजगार डेटा भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इन आंकड़ों के आने से पहले निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा।
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