अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी की मीटिंग आज यानी 31 जुलाई को खत्म हो जाएगी। ज्यादातर लोगों का मानना है कि इंटरेस्ट रेट्स बगैर बदलाव 5.25-5.5 फीसदी की रेंज में बने रहेंगे। अमेरिकी इकोनॉमी की स्थिति न तो खराब है और न ही बहुत अच्छी है। इनफ्लेशन कंट्रोल में है, लेकिन बेरोजगारी दर बढ़ रही है। लोगों के खर्च में भी सुस्ती दिख रही है। अगर लोग ज्यादा खर्च नहीं करेंगे और नौकरियों के पर्याप्त मौके पैदा नहीं होंगे, तो इसका असर कंपनियों के प्रदर्शन पर पड़ेगा। इससे उनका प्रॉफिट घट सकता है।
फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के सितंबर में इंटरेस्ट रेट घटाने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, हेडोनोवा के सीआईओ सुमन बनर्जी का मानना है कि इसकी उम्मीद कम है। उनका कहना है कि निवेशकों को उतारचढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए।
एसीसी के शेयर 30 जुलाई को बगैर बदलाव के 2,595 रुपये पर क्लोज हुए। पहली तिमाही में ACC के प्रॉफिट और रेवेन्यू में गिरावट की वजह से शेयरों में गिरावट आई थी। बुल्स का कहना है कि क्षमता बढ़ाने के प्लान पर काम चल रहा है। इससे आगे वॉल्यूम ग्रोथ अच्छी रहेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे रोड, रेलवे और एफोर्डेबल हाउसिंग पर खर्च बढ़ने से सीमेंट की मांग बढ़ेगी। उधर, बेयर्स का कहना है कि सीमेंट की कीमतें कम चल रही हैं, जिसका असर कंपनी के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस पर पड़ेगा। क्षमता बढ़ाने में देर होने पर कंपनी की बाजार हिस्सेदारी में कमी आ सकती है।
यह भी पढ़ें: Sensex-Nifty Green Starts: मार्केट में चौतरफा हरियाली, निवेशकों ने कमाए ₹1.39 लाख करोड़
कोलगेट पामोलिव का शेयर 30 जुलाई को 4.73 फीसदी चढ़कर 3,361 रुपये पर बंद हुआ था। कंपनी के पहली तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। बुल्स का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में डिमांड में रिकवरी आ रही है, जिसका फायदा कंपनी को मिलेगा। नुवामा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दांतों की सफाई पर जागरूकता बढ़ने से कंपनी के लिए अपने ओरल केयर बिजनेस में अच्छी ग्रोथ हासिल करने की गुंजाइश है। टूथपेस्ट में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी दूसरे सबसे बड़े ब्रांड के मुकाबले तीन गुनी है। उधर, बेयर्स ने नुवामा की रिपोर्ट का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया है कि रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो Colgate Palmolive के पक्ष में नहीं है। उधर, एमके का कहना है कि बिजनेस को डायवर्सिफाइ नहीं करना एक बड़ा चैलेंज दिख रहा है।