लार्जकैप और कुछ मिडकैप के लिहाज से देखें तो बाजार में थकान के संकेत दिख रहे हैं। लेकिन स्मॉल और माइक्रो कैप सेक्टर में जोश की कोई कमी नहीं है। कहा जाता है कि प्रॉफिट बुकिंग किसी के लिए कभी भी खराब नहीं होती है। लेकिन पिछले तीन वर्षों में, कंपाउंडिंग इफेक्ट थियरी इतनी ज्यादा प्रचलित हुई है कि लोग इसे शेयरों के गलत सेट पर भी लागू कर रहे हैं। तेजी के बाजार में ऐसा होने से आश्चर्य होता है। वहीं Emkay Global के IT एनालिस्ट दीपेशकुमार मेहता का कहना है कि आईटी सेक्टर में नियुक्ति के रुझान से पता चलता है कि कारोबारी माहौल में सार्थक रिकवरी में अभी भी देरी हो सकती है। नौकरी के जॉबस्पीक इंडेक्स के भीतर आईटी सेक्टर का इंडेक्स दिसंबर में सालाना आधार पर 21.5 प्रतिशत गिरा। अब साल के सभी महीनों में इसमें गिरावट देखी गई है।
