Short Call: क्या येन कैरी ट्रेड को लेकर चिंता अब खत्म हो गई है? जानिए Page Industries और Apollo Tyres क्यों सुर्खियों में हैं

Apollo Tyres: बीते हफ्ते मार्केट्स लॉस के साथ बंद हुए। लेकिन, गिरावट अनुमान से कम रही। सोमवार को आई गिरावट के बाद हफ्ते का समापन ज्यादा नुकसान के साथ होने का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि, मार्केट पर अब भी संकट के बादल पूरी तरह से खत्म नहीं हुए हैं

अपडेटेड Aug 12, 2024 पर 10:18 AM
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पेज इंडस्ट्रीज के शेयर 9 अगस्त को 1.4 फीसदी गिरकर 40,088 रुपये पर बंद हुए थे। कंपनी के पहली तिमाही के नतीजे अनुमान से कमजोर आए हैं।
     
     
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    इंडिया सहित ग्लोबल मार्केट्स बीते हफ्ते लॉस में बंद हुए। लेकिन, यह गिरावट उम्मीद के मुकाबले काफी कम रही। सोमवार को आई बड़ी गिरावट के बाद हफ्ते का अंत बड़ी गिरावट के साथ होने का अनुमान था। उम्मीद है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व सितंबर की मॉनेटरी पॉलिसी में नरमी दिखा सकता है। इससे दुनियाभर में स्टॉक मार्केट्स में सेंटिमेंट मजबूत रहने की उम्मीद है। बीते हफ्ते भले ही मार्केट में तेज रिकवरी आई है, लेकिन अभी चिंता खत्म नहीं हुई है। बीते हफ्ते रोजगार के दो तरह के डेटा पर निवेशकों ने काफी ज्यादा प्रतिक्रिया दिखाई। सवाल यह है कि अगर रोजगार का अगला डेटा निराशाजनक रहता है तो क्या होगा? अगर मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ते हैं तो क्या होगा?

    येन (Yen) में कितना ट्रेड अनवाइंड हुआ है, इसके अलग-अलग अनुमान है। सवाल है कि क्या येन में कैरी ट्रेड (Yen Carry Trade) अनवाइंडिंग का मामला अब खत्म हो चुका है? Bank of Japan के गवर्नर काजुआ उइदा ने बीते हफ्ते कहा कि वह इंटरेस्ट रेट तुंरत नहीं बढ़ाएगा। उधर, जेफरीज (Jefferies) के क्रिस वुड (Chris Wood) ने अपने न्यूजलेटर 'ग्रीड एंड फियर' में लिखा है कि बैंक ऑफ जापान मॉनेटरी पॉलिसी को सामान्य बनाने में जितनी देर करेगा, कैरी ट्रेड उतना ही ज्यादा होगा। इसका उतना ही ज्यादा असर दिखेगा। केंद्रीय बैंक पहले ही काफी इंतजार कर चुका है और इसका पता इससे भी चलता है कि पिछले हफ्ते ओवरनाइट कॉल रेट 15 बेसिस प्वाइंट बढ़ने का काफी ज्यादा असर देखने को मिलेगा।

    Page Industries

    पेज इंडस्ट्रीज के शेयर 9 अगस्त को 1.4 फीसदी गिरकर 40,088 रुपये पर बंद हुए थे। कंपनी के पहली तिमाही के नतीजे अनुमान से कमजोर आए हैं। बुल्स का कहना है कि Page Industries का EBITDA मार्जिन 18-21 फीसदी के बीच रह सकता है। इसकी वजह यह है कि कंपनी ने कॉस्ट कंट्रोल, इनवेंट्री मैनेजमेंट और डिजिटल इंफॉर्मेशन पर फोकस बढ़ाया है। एक्सिस का कहना है कि कंपनी के लिए खराब दौर बीत चुका है। इनरवियर सहित कुछ सेगमेंट में रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं। आगे त्योहारों के दौरान डिमांड बढ़ेगी। मानसून अच्छा रहने की उम्मीद है। ग्रामीण इलाकों में रिकवरी आ रही है। कंपनी डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क का विस्तार कर रही है। उधर, बेयर्स की दलील है कि मार्केट में प्रतियोगिता बढ़ रही है। एक्सिस सिक्योरिटीज ने इस बारे में बताया है। सिटी रिसर्च और एमके ग्लोबल भी इस स्टॉक को लेकर सावधानी बरतते दिख रहे हैं।


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    Apollo Tyres

    अपोलो टायर्स के शेयर 9 अगस्त को 2.75 फीसदी गिरकर 497.45 रुपये पर बंद हुए थे। कंपनी के पहली तिमाही के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे हैं। बुल्स का कहना है कि ट्रक और बस टायर में Apollo Tyres मार्केट लीडर है। यूरोपीय मार्केट में कंपनी की अच्छी मौजूदगी है। अब कंपनी ओईएम ग्रोथ और एक्सपोर्ट पर फोकस कर रही है। उधर, बेयर्स का कहना है कि मार्केट में प्रतियोगिता बढ़ी है। कंपनी पर आयात बढ़ने और करेंसी में उतारचढ़ाव का भी असर पड़ सकता है। अगर कमोडिटी की कीमतें बढ़ती है तो रेवेन्यू और मुनाफे पर असर पड़ सकता है।

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