शॉर्ट कॉल : जिद्दी फेड, गिरते शेयर और अदाणी स्टॉक्स की फिर से पिटाई, क्या है इनका मतलब?

मनीकंट्रोल हर हफ्ते आपके लिए शॉर्ट कॉल लेकर आएगा। इसमें आपको ट्रेंड्स और माहौल का अंदाजा मिलेगा। इससे आपको यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि आखिर स्टॉक्स मार्केट में क्या हो रहा है। इसकी शुरुआत हम आज से कर रहे हैं

अपडेटेड Feb 24, 2023 पर 12:22 PM
अभी बेयर्स फायदे में दिख रहे हैं, क्योंकि आ रही खबरें उनके फेवर में हैं। तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद अपग्रेड्स के मुकाबले डाउनग्रेड्स ज्यादा हैं। दुनियाभर में इंटरेस्ट रेट्स बढ़ रहे हैं। इंडिया में भी यही हाल है।

आज आपको उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि F&O के वीकली और मंथली कॉन्ट्रैक्ट्स (Weekly and Monthly Contracts) आज एक्सपायर होंगे। अभी बेयर्स फायदे में दिख रहे हैं, क्योंकि आ रही खबरें उनके फेवर में हैं। तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद अपग्रेड्स के मुकाबले डाउनग्रेड्स ज्यादा हैं। दुनियाभर में इंटरेस्ट रेट्स बढ़ रहे हैं। इंडिया में भी यही हाल है। अदाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों की पिटाई जारी है। आखिर में ग्लोबल मार्केट्स में भी माहौल निराशाजनक है। कैश मार्केट में संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां घटी हैं। इससे हल्की बिकवाली पर भी शेयरों की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है।

बुल्स को राहत की उम्मीद नहीं

बुल्स के लिए समस्या आगे बढ़ती दिख रही है, क्योंकि फेडरल रिजर्व के मिनट्स से इनफ्लेशन में नरमी के संकेत मिले हैं। लेकिन, यह नरमी इतनी नहीं है कि फेड इंटरेस्ट बढ़ाना बंद कर देगा। अमेरिका में आजकल 'नो लैंडिंग' की खूब चर्चा हो रही है। इसका मतलब यह है कि ग्रोथ और इनफ्लेशन हाई बने रह सकते हैं। इससे फेड धीरे-धीरे इंटरेस्ट रेट बढ़ाना जारी रखेगा।

खरीदें या इंतजार करें?


निवेशकों के मन में चल रहे उलझन को समझा जा सकता है। पिछले कुछ महीनों से बाजार सीमित दायरे में चढ़ और उतर रहा है। ऐसे में इस बात को लेकर कनफ्यूजन है कि यह कम भाव पर खरीदारी का मौका है या गिरने वाले शेयरों से दूर रहने में समझदारी है। संभवत: पीटर लिंच की यह सलाह आपके लिए मददगार साबित हो सकती है-अगर आपको कोई कंपनी अट्रैक्टिव नहीं दिखती है तो आपको अपने पैसे तब तक बैंक में रखने चाहिए, जब तक आपको कोई अच्छी कंपनी नहीं मिल जाती।

निफ्टी के अहम लेवल्स: बुल्स और बेयर्स की करीबी नजरें 17,350 पर बनी हुई हैं। यह बजट के दिन का निफ्टी का लो लेवल है। अगर यह लेवल नहीं टिकता है तो ज्यादा बेयर्स निकलकर सामने आएंगे।

बैंक स्टॉक्स

इस सेक्टर में नाटकीय यू-टर्न देखने को मिला है। कुछ हफ्ते पहले मार्केट में यह चर्चा थी कि बैंक शेयरों की चमक बढ़ने जा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह वह सेक्टर है, जिसमें हाल में सबसे ज्यादा अर्निंग्स अपग्रेड देखने को मिले थे। फिर, बिकवाली की वजह क्या है? दरअसल, यह माना जा रहा है कि चूंकि बैंक डिपॉजिटर्स को अच्छे रेट्स ऑफर करेंगे जिससे आने वाले दिनों में उनके नेट इंटरेस्ट मार्जिंस में कमी आएगी। बैंकिंग शेयरों में गिरावट की एक वजह यह हो सकती है कि जनवरी तक तेजी जारी रहने के बाद इनवेस्टर्स अब मुनाफावसूली कर रहे हैं।

अदाणी ग्रुप कंपनियों के शेयर

मंगलवार को इन शेयरों की फिर से पिटाई हुई। अपने सबसे उच्च लेवल से 50 फीसदी से ज्यादा गिर जाने के बावजूद अब भी ज्यादातर कंपनियों के शेयरों की कीमतें बहुत ज्यादा दिख रही हैं। लेकिन, कुछ कंपनियां है, जिनकी वैल्यूएशन को अगर आप सस्ता नहीं कहें तो भी आपको फेयर तो कहना ही होगा। लेकिन, समस्या यह है कि जब शेयर तेजी के दौरान बहुत चढ़ जाते हैं तो गिरावट की स्थिति में वे फेयर वैल्यू तक पहुंचने से पहले बहुत गिरते हैं। इसलिए जो निवेशक सही कीमत के इंतजार में हैं उन्हें अंडरवैल्यूएशन की स्थिति का इंतजार करना होगा।

वोल्टास

वोल्टास और एयरकंडिशनर बनाने वाली दूसरी कंपनियों के शेयरों में बुधवार को मजबूती दिखी। इसकी वजह यह है कि मौसम विभाग ने गर्मी जल्द शुरू होने का अनुमान जताया है। इससे कूलिंग प्रोडक्ट्स की सेल्स बढ़ेगी। LIC ने हाल में वोल्टास में अपनी हिस्सेदारी 200 बेसिस प्वॉइंट्स बढ़ाई है। अब इस कंपनी में उसकी हिस्सेदारी करीब 9 फीसदी पहुंच गई है।

लेकिन, याद रखें कि मौसम विभाग की एक चेतावनी से सेक्टर को लेकर इनवेस्टर्स की सोच एक रात में बदलने नहीं जा रही है। वोल्टास का शेयर पिछले एक साल से संघर्ष करता दिख रहा है। वह प्रॉफिट मार्जिन और मार्केट शेयर के बीच संतुलन बैठाने की कोशिश कर रहा है। दूसरे कूलिंग स्टॉक्स की भी यही कहानी है। सिर्फ ब्लू स्टार अपवाद है।

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