Stock Market Crash: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर युद्ध की आंच तेज हुई तो कच्चा तेल उबल पड़ा और इन दोनों ने मिलकर दुनिया भर में कोहराम मचा दिया। घरेलू स्टॉक मार्केट में बात करें तो सेंसेक्स 800 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 23800 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी काफी दबाव है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप में 1-1% की गिरावट है। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 09:38 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 581.62 प्वाइंट्स यानी 0.76% की गिरावट के साथ 76,362.66 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 207.65 प्वाइंट्स यानी 0.86% की फिसलन के साथ 23,848.15 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 808.56 प्वाइंट्स टूटकर 76,135.72 और निफ्टी 269.00 प्वाइंट्स गिरकर 23,786.80 पर आ गया।
Stock Market Crash: इन वजहों से मचा कोहराम
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच गहराई तो मार्केट में कोहराम मच गया। इसने सप्लाई में रुकावट की चिंताएं बढ़ा दी हैं और पश्चिमी एशिया में तनाव के जल्द कम होने की उम्मीदें कम हो गईं हैं। इसके चलते निवेशकों के रिस्क लेने का उत्साह फीका हो गया।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आंच तेज हुई तो कच्चा तेल उबल पड़ा। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर प्रति बैरल $96 के पार पहुंचा तो इस उबाल में स्टॉक मार्केट झुलस गया।
अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में उछाल
अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी के और सख्त होने की उम्मीदें बढ़ने के साथ अमेरिका में 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड बढ़कर लगभग 4.80% हो गया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक फेड फंड्स फ्यूचर्स के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि दो हफ्ते बाद होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना 67% है। इसने मार्केट पर दबाव बनाया।
मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में उछाल से मार्केट पर दबाव पड़ा। फिलहाल यह 3.39% की बढ़त के साथ 11.88 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।
फिलहाल किसी भी सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स ग्रीन नहीं है लेकिन सबसे अधिक दबाव ऑटो सेक्टर का है जिसका निफ्टी इंडेक्स 2% से अधिक कमजोर हुआ है। वहीं निफ्टी आईटी और निफ्टी मेटल में भी 1-1% से अधिक गिरावट है तो निफ्टी रियल्टी में डेढ़ फीसदी से अधिक। निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी प्राइवेट में आधे-आधे फीसदी की गिरावट है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।