Stock Market View : मार्केट टेक्निकल्स पर चर्चा करते हुए जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज (JM Financial Services) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि इस समय धुरंधर मूवी का एक डायलॉग याद आता है कि 'किस्मत की एक खूबसूरत आदत है कि वो वक्त आने पर पलटती है'। इस हिसाब से देखें तो पिछले दो साल में स्माल कैप्स और मिड कैप्स की तुलना में लार्ज कैप्स काफी कमजोर प्रदर्शन किया है। अब हमें ऐसा लग रहा है कि स्थितियां बदलती दिख रही है। चार्ट्स पर भी इसके संकेत नजर आ रहे हैं। मल्टीपल टाइम फ्रेम पर 12 महीने के व्यू से देखें तो लार्ज कैप्स का रिस्क रिवॉर्ड तुलनात्मक रूप से अच्छा नजर आ रहा है। बाजार में इस समय जिस तरह की वोलैटिलिटी दिख रही है उसमें 22,000 का लेवल एक बहुत ही अहम मेक ऑर ब्रेक लेवल का काम करेगा। निफ्टी में 22,000 का लेवल टूटता है या नहीं टूटता यह अलग बात है। लेकिन इस समय दो इवेंट्स ऐसे हैं जिन पर बाजार की नजरें हैं। ये हैं यूएस के मिड टर्म इलेक्शंस और क्रूड ऑयल की चाल। अगर निफ्टी में 22,000 का लेवल टूट भी जाता है तो लार्ज कैप्स तुलनात्मक रूप से कम प्रभावित होंगे।
लेकिन स्मॉल और मिड कैप्स के महंगे वैल्यूएशन को देखते हुए लग रहा है कि इनमें अब बिकवाली आ सकती सकती है। ऐसे में यहां से मार्केट चाहे बाउंस बैकक दे या फिर एक ब्रेकडाउन आए किसी भी स्थिति में लार्ज कैप्स अच्छा प्रदर्शन करेंगे। इस वीक कई बड़े इवेंट्स लाइन अप हैं। वोलैटिलिटी भी बहुत बढ़ गई है। ऐसे में हमें थोड़ा वेट एंड वॉच करना चाहिए। इस हफ्ते के लिए 22300-22900 की रेंज है एक ट्रेंड डिसाइडर का काम करेगी। इस रेंज के किसी भी तरफ ब्रेक होने पर बाजार की दिशा साफ होगी। यह हफ्ता बाजार के लिए बहुत की क्रूशियल वीक है। अगले हफ्ते से बाजार हमें एक साफ दिशा पकड़ते दिखेगा।
अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि काफी सारे निफ्ट्टी 50 के स्टॉक्स अपने मल्टीपल मंथ लोज के आसपास आ चुके हैं। ऑटो में देखें तो Maruti में बहुत सेलिंग दिखी है। एमएम में काफी अच्छा करेक्शन हो गया है। काफी सारे बैंकिंग और फाइनेंसियल स्टॉक्स में भी भारी करेक्शन आ चुका है। ओवरऑल निफ्ट्टी 50 की बात करें तो तकरीबन 25% स्टॉक्स अभी भी 20 डे मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहे हैं। वहीं मिड और स्माल कैप्स 15 % स्टॉक्स ही 20 डे मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहे हैं। इससे संकेत मिल रहा है कि पूरा ब्रॉडर मार्केट अब तेजी खोता नजर आ रहा है। लेकिन जो बड़े दिग्गज हैवी वेट्स हैं उनमें सेलिंग शायद धीरे-धीरे कम हो रही है। Reliance Industries, HDFC Bank और State Bank of India में बिकवाली का नया दबाव आता हुआ नहीं दिखा है। इनका करेक्शन रुकता हुआ दिख रहा।
इसके अलावा लार्ज कैप्स के रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो में भी सुधार आ रहा है। शॉर्ट टर्म यानी कि तकरीबन दो से तीन महीने में यह रेशियो और बेहतर होता हुआ दिखेगा। ऐसा कहने का मतलब ये नहीं है कि मिड कैप स्माल कैप यहां से गिर ही जाएंगे। यह सिर्फ तुलनात्मक विश्लेषण किया जा रहा है। हमारी नजर इनके रिलेटिव परफॉर्मेंस पर है। ऐसे में लगता है कि जिस हिसाब से ग्लोबल स्थिति बनी हुई है उसमें लार्ज कैप्स और खास करके निफ्टी 50 के ब्लू आइड बॉयज पर फोकस करके चलना चाहिए।
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