शेयर बाजार में गुरुवार को आई बड़ी गिरावट के बाद शुक्रवार, 25 सितंबर को फिर से तेजी लौट आई। सेंसेक्स ने शुरुआत लाल निशान में की और करीब 103 अंक तक टूटकर 73,477.77 के लो तक भी गया। लेकिन कुछ ही देर में यह हरे निशान में लौटा। दिन में सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 387.51 अंक तक चढ़कर 73,968.05 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट में खुला, 23020.95 के लो तक गया और फिर पिछली क्लोजिंग से 99.6 अंक तक की बढ़ोतरी के साथ 23,162.70 का हाई देखा। बाद में सेंसेक्स 315.20 अंकों की वृद्धि के साथ 73,895.74 पर और निफ्टी 77.40 अंकों की बढ़त के साथ 23,140.50 पर बंद हुआ।
एक दिन पहले सेंसेक्स 1,247.71 अंक या 1.67 प्रतिशत गिरकर 3 महीने से अधिक के निचले स्तर 73,580.54 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,264.33 अंक फिसलकर 73,563.92 के लो तक चला गया था। निफ्टी 383.70 अंक या 1.64 प्रतिशत गिरकर 23,063.10 पर बंद हुआ था। यह 5 महीने से अधिक का निचला स्तर है। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार को आई तेजी के अहम कारण डिटेल में...
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क, ब्रेंट क्रूड 1.2 प्रतिशत गिरकर 105.3 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।
पिछले सेशन में शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। इसके चलते शुक्रवार को वैल्यू बाइंग देखने को मिली। निवेशक निचले स्तर पर खरीदारी कर रहे हैं। गुरुवार को Nifty50 और Sensex में 10 हफ्तों की सबसे बड़ी एक-दिनी गिरावट रही थी। तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंताएं फिर से बढ़ा दीं और इंश्योरेंस कमीशन पर प्रस्तावित कैप (सीमा) का असर फाइनेंशियल शेयरों पर पड़ा।
शुक्रवार को भारतीय करेंसी रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 19 पैसे बढ़कर 95.80 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 26 पैसे टूटकर 95.99 पर बंद हुआ था। कारोबारियों का कहना है कि मुद्रा बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को थामने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हस्तक्षेप कर सकता है। घरेलू आयातकों, विशेषकर तेल कंपनियों की ओर से डॉलर की लगातार मांग, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के चलते डॉलर सूचकांक में व्यापक मजबूती घरेलू मुद्रा पर दबाव बना रही है।
पिछले सेशन में 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद, डर का पैमाना (Fear Gauge) India VIX 4 प्रतिशत गिरकर 12.18 तक गया। यह इंडेक्स भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता को मापता है। इसमें गिरावट का मतलब है कि निकट भविष्य में बाजार में कम उतार-चढ़ाव की उम्मीद है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है।
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