Market news : क्रूड और US बॉन्ड यील्ड में नरमी से बाजार को थोड़ी राहत मिली है। गिफ्ट निफ्टी में 60 प्वाइंट से ज्यादा की बढ़त दिख रही है। हालांकि FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 13000 करोड़ रुपए की बिकवाली देखने को मिली है। डाओ फ्यूचर्स भी 100 प्वाइंट ऊपर कारोबार कर रहा है। कल अमेरिका में डाओ जोन्स में रिकवरी दिखी लेकिन नैस्डैक और S&P500 गिरकर हुए बंद। एशिया में भी नरमी नजर आ रही है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
8 अक्टूबर को निफ्टी 50 में 371 अंक या 1.64 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 22,232 पर बंद हुआ, जबकि बैंक निफ्टी 540.5 अंक या 0.98 प्रतिशत गिरकर 54,515 पर बंद हुआ। बाजार का रुख काफी कमजोर रहा; NSE पर 491 शेयरों में बढ़त के मुकाबले लगभग 2,813 शेयरों में गिरावट देखी गई।
मिडटर्म चुनाव से पहले हमले का इरादा नहीं: ट्रंप
ईरान पर ट्रंप का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा है कि मिडटर्म चुनाव से पहले ईरान पर हमले का कोई इरादा नहीं है। ईरान के साथ चल रही है बातचीत अच्छे ट्रैक पर है। इस बयान के बाद क्रूड में नरमी आई है। 106 वाला कच्चा तेल 103 डॉलर के करीब आ गया है।
अनुमान पर खरे उतरे TCS के Q2 नतीजे
TCS के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे हैं। दूसरी तिमाही में कॉन्सटैन्ट करेंसी आय 0.50 फीसदी बढ़ी है। मार्जिन फ्लैट रही है। कंपनी ने इस अवधि में 9.5 अरब डॉलर की डील जीती है। इंटरनेशनल CC आय में 1.2% का उछाल आया है। AI रेवेन्यू ने 3 अरब के आंकड़े को पार कर लिया है।
US से 8 IT कंपनियों को झटका
अमेरिका में Infosys, Wipro, TCS, HCLTech समेत 8 IT कंपनियों को झटका लगा है। अमेरिकी सरकार ने माइक्रोसॉफ्ट और एडोब के साथ भारतीय टेक कंपनियों का इमिग्रेशन प्रोग्राम रद्द कर दिया है। शुरूआती गिरावट के बाद IT कंपनियों के ADR निचले स्तरों से संभले हैं।
कैंसर दवाओं पर सरकार का बड़ा फैसला
कैंसर की दवाओं को लेकर सरकार का बड़ा फैसला आया है। सूत्रों के मुताबिक गैर-शेड्यूल कैंसर दवाओं पर मार्जिन की सीमा तय की जायेगी। अब ट्रेड मार्जिन दवा की MRP का 30% से ज्यादा नहीं होगा।
GST केस में अरेस्ट नहीं होगा कारोबारी
GST में बड़ा रिफॉर्म हुआ है। अब GST के मामलों में कारोबारी की गिरफ्तारी नहीं होगी। GST काउंसिल ने अरेस्ट करने का अधिकार वापस ले लिया है। छोटे कारोबारियों को रजिस्ट्रेशन से लेकर रिफंड तक में राहत मिली है। ITC क्लेम समेत GST प्रोसेस में बड़े रिफॉर्म हुए हैं। गुड्स डिलिवरी पर 18% की बजाए 5% GST लगेगा।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 8 अक्टूबर को 12,944 करोड़ रुपये (नेट) के भारतीय शेयर बेचे। यह इस साल एक दिन में हुई बिकवाली की दूसरा सबसे बड़ी घटना है। इससे ज़्यादा बिकवाली सिर्फ़ 29 मई को हुई थी। उस दिन 21,106 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी। इस बिक्री की वजह से अक्टूबर में कुल निकासी सिर्फ़ पांच सेशन में 37,929 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। 2026 की नेट FII बिक्री अब 4.41 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि ग्लोबल फंड्स उभरते हुए बाजारों में अपना निवेश कम कर रहे हैं।
दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs)ने 8 अक्टूबर को 10,703 करोड़ रुपये की खरीदारी की। उन्होंने महीने के पहले पांच सत्रों में इक्विटी में 35,613 करोड़ रुपये लगाए हैं। स्थानीय खरीदारी ने विदेशी बिकवाली के एक बड़े हिस्से को संभाल लिया है। हालांकि,यह बाजार को गिरने से रोकने के लिए काफी नहीं रहा है।