Stock Market Holiday: बकरीद (ईद-उल-अजहा) की छुट्टी को लेकर लोगों के बीच चल रहा भ्रम अब दूर हो गया है। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर 28 मई 2026 को गजेटेड अवकाश घोषित किया है। पहले यह छुट्टी 27 मई को प्रस्तावित थी, लेकिन चांद दिखने की संभावनाओं को देखते हुए तारीख में बदलाव किया गया। यह फैसला दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए लागू होगा।
छुट्टी की तारीख बदलने के बाद निवेशकों के बीच यह सवाल बना हुआ था कि NSE और BSE किस दिन बंद रहेंगे। अब इस पर भी तस्वीर साफ हो गई है। बकरीद के मौके पर 28 मई 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) दोनों में कारोबार नहीं होगा। यानी इस दिन शेयर बाजार पूरी तरह बंद रहेगा और किसी भी तरह की ट्रेडिंग नहीं होगी।
मई में कितने दिन बंद रहा बाजार?
मई का महीना निवेशकों के लिए छुट्टियों से भरा रहा है। महीने की शुरुआत 1 मई की छुट्टी से हुई, जब बाजार बंद था। इसके अलावा शनिवार और रविवार की वजह से भी कई दिन कारोबार नहीं हुआ। 3, 10, 17, 24 और 31 मई को रविवार रहा, जबकि 2, 9, 16, 23 और 30 मई को शनिवार पड़ने के कारण बाजार बंद रहा। इस तरह अवकाश और वीकेंड को मिलाकर पूरे महीने में कुल 11 दिन शेयर बाजार में कारोबार नहीं हुआ।
बकरीद के बाद मिलेगा लंबा ब्रेक
बकरीद की छुट्टी के कारण निवेशकों को एक और लंबा ब्रेक मिलने वाला है। 28 मई को बाजार बंद रहेगा। इसके बाद 30 मई को शनिवार और 31 मई को रविवार होने से भी कारोबार नहीं होगा। ऐसे में बाजार कुछ दिनों तक घरेलू गतिविधियों से दूर रहेगा और निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम पर बनी रहेगी।
विदेशी बाजारों में जारी रहेगा कारोबार
भारत में बकरीद के दिन शेयर बाजार बंद रहेगा, लेकिन अमेरिका, यूरोप और एशिया के अधिकांश प्रमुख बाजारों में सामान्य कारोबार जारी रहेगा। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, डॉलर की दिशा और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों का असर भारतीय बाजार पर अगले कारोबारी सत्र में देखने को मिल सकता है।
बाजार खुलने पर किन बातों पर रहेगी नजर?
बाजार दोबारा खुलने पर निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के रुख, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि छुट्टियों के दौरान भी निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ी अहम खबरों और आर्थिक संकेतों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यही कारक बाजार खुलने के बाद उसकी दिशा तय कर सकते हैं।