Suzlon Energy के शेयरों में 5% का अपर सर्किट, 3 दिनों की लगातार गिरावट पर लगा ब्रेक

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) ऑफर के बाद Suzlon Energy में एक सब्सिडियरी कंपनी के 120 करोड़ रुपये के अलावा कोई शेष कर्ज नहीं है। सुजलॉन एनर्जी के पास लगभग 600 करोड़ रुपये का नेट कैश बैलेंस है, जबकि ग्रॉस कैश बैलेंस लगभग 720 करोड़ रुपये है

अपडेटेड Nov 23, 2023 पर 10:00 PM
Suzlon Energy के शेयरों में आज 23 नवंबर को 5 फीसदी का अपर सर्किट लगा है।
     
     
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    Suzlon Energy के शेयरों में आज 23 नवंबर को 5 फीसदी का अपर सर्किट लगा है। यह स्टॉक NSE पर 39.20 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। इसके पहले पिछले तीन कारोबारी दिनों में कंपनी के शेयरों में गिरावट देखी गई थी। इस दौरान कंपनी के शेयर करीब 12 फीसदी गिरे थे। 21 नवंबर को जेएम फाइनेंशियल इंडिया कॉन्फ्रेंस 2023 में सुजलॉन एनर्जी मैनेजमेंट ने कहा कि वह इन-बिल्ट ऑपरेशन और मेंटेनेंस सर्विसेज (O&M) कॉन्ट्रैक्ट्स के अलावा अपने नॉन-EPC ऑर्डर पर फोकस कर रहा है।

    कॉन्फ्रेंस के पहले दिन प्रेजेंट की गई 65 कंपनियों में से एक सुजलॉन एनर्जी भी थी। कंपनी ने कहा कि कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (C&I) सेगमेंट से ऑर्डर में उसकी हिस्सेदारी जून तिमाही के 55 फीसदी से बढ़कर सितंबर तिमाही में 64 फीसदी हो गई है। C&I सेगमेंट में हायर एक्टिविटी के चलते यह उछाल देखने को मिला है।

    ब्रोकरेज की राय


    इस महीने की शुरुआत में जेएम फाइनेंशियल ने 37 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ सुजलॉन एनर्जी को "Buy" रेटिंग दी थी। ब्रोकरेज ने हेल्दी ऑर्डर इनफ्लो, बेहतर एग्जीक्यूशन विजिबिलिटी और बेहतर प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के चलते शेयरों में तेजी की उम्मीद जताई थी। स्टॉक पहले ही टारगेट प्राइस को पार कर चुका है।

    ब्रोकरेज ने कॉन्फ्रेंस के दौरान रिपोर्ट में कहा, "30 सितंबर 2023 तक कंपनी के पास 1.6 GW की ऑर्डर बुक है, जिसमें से 62 फीसदी 3.x MW टर्बाइन के लिए है, जिसकी सप्लाई Q4 FY24 में शुरू होगी। कंपनी ने हाई-वैल्यू क्वालिटी वाले ऑर्डर (बेहतर मार्जिन) पर फोकस करना जारी रखा है।"

    कंपनी का सर्विस बिजनेस 14.3GW कैपिसिटी के साथ अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। उसे देश में FY24E में 3-4GW और FY25E में 5-6GW की एनुअल एडिशन की उम्मीद है। पहले की एक रिपोर्ट में जेएम फाइनेंशियल के एनालिस्ट्स ने कहा था कि सितंबर के अंत में 3400 करोड़ रुपये की पॉजिटिव कंसोलिडेटेड नेटवर्थ के साथ सुजलॉन की बैलेंस शीट में सुधार हुआ है।

    कंपनी का कर्ज में आई कमी

    क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) ऑफर के बाद कंपनी में एक सब्सिडियरी कंपनी के 120 करोड़ रुपये के अलावा कोई शेष कर्ज नहीं है। सुजलॉन एनर्जी के पास लगभग 600 करोड़ रुपये का नेट कैश बैलेंस है, जबकि ग्रॉस कैश बैलेंस लगभग 720 करोड़ रुपये है। सितंबर तिमाही में कर्ज चुकाने की वजह से फाइनेंस कॉस्ट में सालाना आधार पर 55 फीसदी की कमी आई थी।

    ब्रोकरेज ने कहा कि आगे चलकर इंटरेस्ट लागत में तेजी से कमी आने की उम्मीद है। इससे प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार होगा।" उन्होंने कहा कि पूरा बेनिफिट वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही से मिलना शुरू हो जाएगा।

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