Swiggy का शेयर 5 दिन में 21% लुढ़का, छुआ ऑल टाइम लो; IPO प्राइस से भी नीचे कर रहा ट्रेड

Swiggy Share Price: अक्टूबर-दिसंबर 2024 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा और बढ़कर 799.08 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले घाटा 574.38 करोड़ रुपये था। कंपनी का EBITDA लॉस भी बढ़ गया है। स्विगी का शेयर 13 नवंबर 2024 को BSE पर 412 रुपये और NSE पर 420 रुपये पर लिस्ट हुआ था

अपडेटेड Feb 10, 2025 पर 4:29 PM
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दिसंबर तिमाही के नतीजों के बाद कुछ एनालिस्ट्स ने Swiggy के शेयर के लिए टारगेट प्राइस घटा दिया।

Swiggy Stock Price: फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी के शेयरों में 10 फरवरी को दिन में लगभग 6 प्रतिशत तक की गिरावट आई और BSE पर कीमत 359 रुपये के ऑल टाइम लो तक चली गई। कारोबार बंद होने पर शेयर लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 362.15 रुपये पर सेटल हुआ। वैसे तो शेयर में 6 फरवरी को अक्टूबर-दिसंबर 2024 ​तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी होने के पहले से ही गिरावट है। लेकिन नतीजों के बाद गिरावट और बढ़ गई क्योंकि कंपनी का घाटा बढ़ गया।

एक वजह यह भी है कि स्विगी के 6.5 करोड़ शेयरों के लिए लॉक-इन पीरियड आज, 10 फरवरी को खत्म हो गया। ये शेयर कंपनी की करीब 3% इक्विटी के बराबर हैं। यह लॉक-इन पीरियड उन शेयरहोल्डर्स के शेयर को लेकर था, जिन्होंने IPO से पहले निवेश किया था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में अगर स्विगी के बड़े शेयरहोल्डर अपनी हिस्सेदारी बेचते हैं, तो यह कंपनी के शेयरों पर और दबाव बना सकता है। ताजा बिकवाली के बाद स्विगी का मार्केट कैप घटकर 82300 करोड़ रुपये रह गया है।

5 कारोबारी सेशंस में शेयर 21 प्रतिशत लुढ़क चुका है। ​कीमत IPO प्राइस 390 रुपये से भी नीचे चल रही है। स्विगी का शेयर 13 नवंबर 2024 को BSE पर 412 रुपये और NSE पर 420 रुपये पर लिस्ट हुआ था।


दिसंबर तिमाही में Swiggy को कितना घाटा

अक्टूबर-दिसंबर 2024 तिमाही में कंपनी का शुद्ध कंसोलिडेटेड घाटा और बढ़कर 799.08 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले घाटा 574.38 करोड़ रुपये था। कंपनी का EBITDA लॉस भी बढ़ गया है। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू एक साल पहले के मुकाबले 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 3,993.06 करोड़ रुपये हो गया। दिसंबर 2023 तिमाही में यह 3,048.69 करोड़ रुपये था। क्विक कॉमर्स कारोबार से रेवेन्यू पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से भी अधिक हो गया, लेकिन यूनिट घाटे में रही।

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कुछ ब्रोकरेज घटा चुके हैं टारगेट प्राइस

एनालिस्ट्स का मानना है कि बढ़ते कॉम्पिटीशन और डार्क स्टोर्स में तेज विस्तार से कंपनी के मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि अगली तिमाही में भी ये चुनौतियां बनी रहेंगी। दिसंबर तिमाही के नतीजों के बाद कुछ एनालिस्ट्स ने स्विगी के शेयर के लिए टारगेट प्राइस घटा दिया। ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने स्विगी के शेयर के लिए टारगेट प्राइस को ₹635 से घटाकर ₹575 प्रति शेयर कर दिया है। लेकिन "आउटपरफॉर्म" रेटिंग को बरकरार रखा है। यूबीएस ने ₹615 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ "बाय" रेटिंग बरकरार रखी है।

ब्रोकरेज मैक्वेरी ने स्विगी के शेयर के लिए ₹325 प्रति शेयर टारगेट के साथ "अंडरपरफॉर्म" रेटिंग दी है। सीएलएसए ने ₹750 प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ "आउटपरफॉर्म" रेटिंग दी है। यह टारगेट बाजार में सबसे अधिक है। JM फाइनेंशियल ने शेयर के लिए मार्च 2026 के टारगेट प्राइस को रिवाइज करके 500 रुपये प्रति शेयर कर दिया है।

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