Tata Group Stocks: टाटा ग्रुप की केमिकल कंपनी टाटा केमिकल्स ने एक कारोबारी दिन पहले इक्विटी मार्केट का कारोबार बंद होने के बाद रिजल्ट पेश किया और आज उसकी आंच में शेयर झुलस गए। कंपनी जून तिमाही में सालाना आधार पर ₹250 करोड़ के मुनाफे से घाटे में आई तो शेयर धड़ाम हो गया और यह 3% से अधिक टूट गया। इस पर बिकवाली का दबाव इतना तेज है कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह संभल नहीं पाया और अब भी काफी कमजोर है। फिलहाल बीएसई पर यह 2.71% की गिरावट के साथ ₹679.65 (Tata Chemicals Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 3.26% टूटकर ₹675.80 तक आ गया था।
Tata Chemicals Q1 Result: खास बातें
चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में सालाना आधार पर टाटा केमिकल्स कंसालिडेटेड लेवल पर ₹252 करोड़ के शुद्ध मुनाफे से ₹17 करोड़ के घाटे में आ गई। हालांकि इस दौरान कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 14.4% बढ़कर ₹4,255 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी ने मुनाफे में गिरावट की वजह लोअर रियलाइजेशंस, अन्य स्रोत से कमाई में कमी और ज्वाइंट वेंचर की कम कमाई को बताया। ऑपरेटिंग लेवल पर बात करें तो दबाव दिखा और ईबीआईटीडीए इस दौरान ₹649 करोड़ से 14.5% फिसलकर ₹555 करोड़ पर आ गया और ईबीआईटीडीए मार्जिन भी 17.5% से घटकर 13% रह गया।
टाटा केमिकल्स ग्लास, डिटर्जेंट, इंडस्ट्रियल और केमिकल सेक्टर्स की अहम सप्लायर है। सब्सिडयरी कंपनी रैलिस इंडिया के जरिए इसकी क्रॉप प्रोटेक्शन बिजनेस में भी शानदार मौजूदगी है। इसकी पुणे और बेंगलुरु में आरएंडडी फैसिलिटीज है।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल
टाटा केमिकल्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 17 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹1026.00 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 6 महीने में यह 43.34% टूटकर 30 मार्च 2026 को ₹581.30 पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।