Tata Steel Share: टाटा स्टील के शेयरों को ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने डाउनग्रेड किया है। ब्रोकरेज ने स्टॉक की रेटिंग को वैल्यूएशन से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए 'Reduce' से घटाकर 'Sell' कर दिया है। इस बीच आज टाटा स्टील के शेयरों में 0.31 फीसदी की तेजी देखी गई और यह स्टॉक BSE पर 159.50 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है। आज की तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप 1.99 लाख करोड़ रुपये हो गया है। स्टॉक का 52-वीक हाई 184.60 रुपये और 52-वीक लो 114.25 रुपये है।
Tata Steel को लेकर ब्रोकरेज की ये है राय
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने भारतीय और यूरोपीय दोनों बाजारों में स्टील स्प्रेड में गिरावट की चिंताओं का हवाला दिया है। इसके अलावा, कोटक ने हाल ही में शेयर में आई तेजी के बाद टाटा स्टील को ओवरवैल्यूड माना है और इसलिए इसके टारगेट प्राइस को 150 रुपये से घटाकर 145 रुपये कर दिया है। इसके साथ ही, ब्रोकरेज ने FY25 और FY26 के लिए अपने EBITDA अनुमानों में 19 फीसदी और 13 फीसदी की कटौती भी की है।
चीन के हालिया उपायों पर ब्रोकरेज ने क्या कहा?
चीन के हालिया प्रोत्साहन उपायों ने स्टील और लौह अयस्क की कीमतों में शॉर्ट टर्म रैली तेजी को बढ़ावा दिया है, लेकिन कोटक का मानना है कि पॉजिटिव इंपैक्ट धीमा होगा और मुख्य रूप से 2025 में दिखाई देगा। कोटक ने कहा, "भारत में हायर इंपोर्ट, वीकर एक्सपोर्ट और रीजनल कीमतों के दबाव से निकट भविष्य में स्टील मार्जिन पर दबाव बना रहेगा।" फर्म ने कहा कि लौह अयस्क की कीमतों में रिकवरी ने स्टील की कीमतों में वृद्धि को पीछे छोड़ दिया है, जिससे यूरोपीय स्टील स्प्रेड पर दबाव बढ़ रहा है।
Tata Steel के शेयरों के साथ ये हैं जोखिम
कोटक द्वारा बताए गए प्रमुख जोखिमों में से एक FY30 तक लौह अयस्क के लिए टाटा स्टील के माइनिंग लीज की समाप्ति है। कोटक ने चेतावनी देते हुए कहा, "हमारा अनुमान है कि उसे लौह अयस्क की लगभग 75 फीसदी जरूरत बाजार खरीद से पूरी करनी होगी, जबकि वर्तमान में यह शून्य है। इससे लौह अयस्क की लागत में बड़ी वृद्धि होगी और स्टील मार्जिन पर असर पड़ेगा।" उन्होंने स्टील की लागत में 3600 रुपये प्रति टन की वृद्धि का अनुमान लगाया।
यूरोप में डीकार्बोनाइजेशन के लिए टाटा स्टील की योजनाओं को भी कोटक ने मध्यम अवधि की चिंता के रूप में बताया है। कंपनी अपनी ब्रॉडर डीकार्बोनाइजेशन रणनीति के हिस्से के रूप में FY30 से पहले नीदरलैंड में एक ब्लास्ट फर्नेस को इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) तकनीक के साथ इंटीग्रेटेड डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन (DRI) प्लांट से बदलने का इरादा रखती है। हालांकि, यह प्रोजेक्ट सरकारी समर्थन पर निर्भर है। बता दें कि रतन टाटा के निधन के बाद टाटा ग्रुप के कई शेयरों में आज जबरदस्त तेजी देखी गई। टाटा इनवेस्टमेंट और टाटा केमिकल्स के शेयर 10 फीसदी तक उछल गए।
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