Technical View: अगले हफ्ते 'गिरावट पर खरीदारी'और 'उछाल पर बिकवाली'की रणनीति करेगी काम, इंडेक्स में इन अहम लेवल्स पर रहे नजर
Technical View: अपनी रिकवरी को जारी रखने के लिए निफ्टी को अगले हफ्ते भी लगातार तेजी बनाए रखनी होगी और 23,300–23,350 के जोन को फिर से हासिल करने की जरूरत होगा। वहीं,नीचे की तरफ इसके लिए सपोर्ट बेस ऊपर खिसककर 22,800–22,900 पर आ गया है
Technical View: SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि बैंक निफ्टी में पोजीशनल स्तर पर कंसोलिडेशन जारी है और अगली दिशा तय करने के लिए एक निर्णायक ब्रेकआउट की जरूरत है
Technical View : 16 अक्टूबर को निफ्टी में 0.65 प्रतिशत की तेजी आई। यह तेजी औसत से अधिक वॉल्यूम के साथ दर्ज की गई और लगातार दूसरे सत्र में बाजार में बढ़त देखने को मिली। बाजार पर बुल्स की पकड़ बनी रही। इंडेक्स ने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन के ऊपर अपनी पोजीशन बनाए रखी। इसके अलावा,इसके 10-डे और 20-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) ऊपर की ओर बढ़ते रहे,जो एक मजबूत होते शॉर्ट टर्म स्ट्रक्चर का संकेत हैं। हालांकि,बड़ा रुझान अभी भी मंदड़ियों के पक्ष में झुका हुआ है, क्योंकि इंडेक्स अपने मीडियम और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेज (जिसमें 50-डे और 200-डे EMA शामिल हैं) के नीचे ही कारोबार कर रहा है।
आगे चलकर,निफ्टी 50 को अपनी रिकवरी को जारी रखने के लिए अगले हफ्ते भी खरीदारी का सिलसिला बनाए रखना होगा और 23,300–23,350 के जोन को मजबूती से फिर से हासिल करना होगा। यह रेंज 50-डे EMA और 24 सितंबर को बने 'बेयरिश गैप' के ऊपरी हिस्से से मेल खाती है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिका रहता है तो यह 23,600–23,700 के स्तर तक और तेजी आने का रास्ता खोल सकता है।
अक्टूबर के निचले स्तर 22,180 से लगभग 1,000 अंकों की अच्छी तेजी के बाद,सपोर्ट बेस ऊपर खिसककर 22,800–22,900 के स्तर पर आ गया है। बाजार जानकारों का कहना है कि 22,550–22,600 का दायरा निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है।
अच्छी शुरुआत के बाद पहले घंटे में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन निफ्टी 50 मनोवैज्ञानिक रूप से अहम 23,000 के स्तर के ऊपर बना रहा और 23,146 पर बंद हुआ। यह 23 सितंबर के बाद का इसका सबसे ऊंचा क्लोजिंग लेवल है। इंडेक्स में 149 अंकों यानी 0.65 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
डेली चार्ट पर, इंडेक्स ने एक लॉन्ग लोअर शैडो वाली बुलिश कैंडल बनाई है,जो एक पॉजिटिव रुझान और निचले स्तरों पर मजबूत खरीदारी आने का संकेत है। इसके अलावा, 24,774 और 22,180 के बीच आई गिरावट के आधार पर गणना करने पर, यह 23,173 के 38.2 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर के करीब पहुंच गया है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी और सुधार देखने को मिला। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 50 के स्तर से ऊपर बढ़कर 52.81 पर पहुंच गया और इसके साथ ही एक पॉजिटिव क्रॉसओवर भी हुआ। वहीं, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) ने अपना बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा और यह जीरो लाइन के और करीब आ गया,जबकि हरे हिस्टोग्राम बार लगातार तीसरे सेशन में और बड़े हो गए।
इस हफ्ते निफ्टी में 2.78 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो अप्रैल 2026 के बाद से इसकी सबसे मजबूत वीकली तेजी है। इस इंडेक्स ने 'लोअर हाई' और 'लोअर लो' के छह हफ्तों के क्रम को भी तोड़ दिया है। वीकली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनी है, जिसके निचले हिस्से में एक 'विक' (wick) है। यह बाजार में नई खरीदारी आने का संकेत है।
कोटक नियो में टेक्निकल रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट अमोल अठावले का मानना है कि शॉर्ट-टर्म में मार्केट का स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ट्रेडर्स के लिए 'गिरावट पर खरीदारी'और 'तेजी पर बिकवाली'की रणनीति अपनाना सही रहेगा।
नीचे की तरफ, 23,000 और 22,800 के आसपास का 20-दिन का सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) अहम सपोर्ट लेवल का काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऊपर की तरफ, 23,300 और 23,500 महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस ज़ोन हो सकते हैं। अठावले ने आगे कहा कि 22,800 के नीचे जाने पर मार्केट का सेंटिमेंट बदल सकता है, ऐसे में ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकलने पर विचार कर सकते हैं।
बैंक निफ्टी
बैंक निफ्टी में लगातार दूसरे सत्र में भी बढ़त देखने को मिली, लेकिन यह पिछले दिन के 56,050–56,100 के उच्च स्तर को पार करने में विफल रहा। यह दायरा 50-दिवसीय EMA के स्तर के साथ भी मेल खाता है। आगे 56,500–56,700 और उसके बाद 57,000 के स्तर तक पहुंचने के लिए, इस दायरे के ऊपर एक स्पष्ट बढ़त दर्ज करना बहुत जरूरी है। 57,000 का स्तर तेजी के रुख को और मजबूत करने के लिए एक अहम बाधा बना हुआ है।
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि पोजीशनल स्तर पर कंसोलिडेशन जारी है और अगली दिशा तय करने के लिए एक निर्णायक ब्रेकआउट की जरूरत है।
शाह के अनुसार, 55,200–55,300 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। अगर इंडेक्स इस रेंज के नीचे जाता है, तो इसमें फिर से बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है, जिससे यह 54,800 के स्तर तक गिर सकता है।
ऊपर की तरफ, 56,300–56,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर इस रेंज के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट आता है, तो इससे नई खरीदारी आ सकती है और बैंक निफ्टी 56,700–57,000 के स्तर तक जा सकता है।
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