निफ्टी ने मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 17,000 के लेवल को तोड़ दिया। मंदी की बढ़ती आशंकाओं पर कमजोर वैश्विक रुझानों के चलते बिकवाली तेज हुई। आज 11 अक्टूबर को सभी सेक्टरोल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। इंडेक्स 17,256 पर सपाट खुला लेकिन बाद में दिन के निचले स्तर 16,950 पर पहुंचने के लिए नीचे की ओर फिसलने लगा। बाजार बंद होने के समय इंडेक्स 257 अंक या 1.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,983 पर बंद हुआ।
निफ्टी आज 50, 100 और 200-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज क्रमशः 17,261, 17,105 और 17,189 से नीचे बंद हुआ। इसके साथ ही 200-डे मूविंग एवरेज 16,986 पर बंद हुआ। इसने डेली चार्ट्स पर एक बेयरिश Engulfing कैंडलस्टिक पैटर्न बनाया।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी को अब 30 सितंबर के निचले स्तर के आसपास 16,750-16,800 पर सपोर्ट लेना है। यदि ये सपोर्ट लेवल टूट जाता है, तो आने वाले सत्रों में तेज बिकवाली के दबाव से इंकार नहीं किया जा सकता है।
Religare Broking के अजीत मिश्रा ने कहा "जैसा कि हम वैश्विक मोर्चे पर कोई राहत नहीं देख रहे हैं। ऐसे में अर्निंग या मैक्रोइकॉनॉमिक मोर्चे पर कोई भी निराशाजनक डेवलपमेंट और दबाव डाल सकता है। इंडेक्स के मोर्चे पर अब हम निफ्टी में 16,800 के अहम लेवल पर नजर गड़ाए हुए हैं। इसका ये लेवल टूटने पर रिकवरी ट्रेंड रिवर्सल हो जायेगा।"
डेटा बता रहे हैं कि निफ्टी के लिए तत्काल ट्रेडिंग रेंज 17,000-17,500 से घट कर 16,800-17,200 पर आ गई।
आज बैंक निफ्टी 39,059 के स्तर पर नकारात्मक खुला। इसके बाद दिन भर zig-zag तरीके के कारोबार करता हुआ दिखा। इसने एक बेयरिश कैंडल बनाया। लेकिन डेली पैमाने पर एक इनसाइडर बार के रूप में बैंक निफ्टी 380 अंक गिरकर 38,712 पर बंद हुआ।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चंदन तापड़िया ने कहा कि बैंक निफ्टी को अब 39,000 और 39,250 के स्तर की ओर बढ़ने के लिए 38,500 से ऊपर टिकना होगा। इसमें 38,250 और 38,000 के स्तर पर सपोर्ट देखने को मिल रहा है।
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