टेक्समैको रेल के शेयरों में आज 9 जुलाई को मुनाफावसूली के चलते 4 फीसदी की गिरावट आई है। इस समय कंपनी के शेयर 3.96 फीसदी गिरकर 274.35 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहे हैं। इसके अलावा, कई अन्य रेलवे शेयरों में भी आज गिरावट देखी जा रही है। बजट से पहले कल यानी 8 जुलाई को इन शेयरों में जबरदस्त रैली देखी गई। टेक्समैको रेल की बात करें तो ब्रोकरेज फर्म इस शेयर पर बुलिश नजर आ रहे हैं। कंपनी का मार्केट कैप 10949 करोड़ रुपये है। स्टॉक का 52-वीक हाई 295.65 रुपये और 52-वीक लो 77.50 रुपये है। पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों में 230 फीसदी की जबरदस्त तेजी आई है।
Texmaco Rail पर ब्रोकरेज की राय
नुवामा ने स्टॉक को Buy रेटिंग दी है और 331 रुपये प्रति शेयर से अधिक का टारगेट प्राइस तय किया है। इस हिसाब से कंपनी के शेयरों में करीब 21 फीसदी की दमदार रैली दखने को मिल सकती है। रेलवे के बढ़ते कैपिटल एक्सपेंडिचर, मजबूत वैगन ऑर्डरिंग और नेट कैश बैलेंस शीट से कंपनी की ग्रोथ को बढ़ावा मिल रहा है। नुवामा ने कहा, "एग्जीक्यूशन, मार्जिन और वर्किंग कैपिटल में सुधार से टेक्समैको को FY24–27E के दौरान लगभग 45 फीसदी का PAT CAGR दर्ज करने में मदद मिलेगी।"
नुवामा का मानना है कि टेक्समैको के पास कई री-रेटिंग ट्रिगर हैं, जिसमें संभावित रेल EPC डीमर्जर, ऑपरेटिंग मार्जिन और वर्किंग कैपिटल में सुधार, और कंपोनेंट बिजनेस को बढ़ावा देना शामिल है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर कवरेज शुरू करते हुए कहा, "हमें लगता है कि ये ट्रिगर अगले कुछ वर्षों में धीरे-धीरे काम करेंगे, जिसके चलते कंपनी की आय में पर्याप्त वृद्धि होगी।"
Texmaco Rail बढ़ा रही है मैन्युफैक्चरिंग कैपिसिटी
कोलकाता में स्थित और एडवेंट्ज ग्रुप का हिस्सा टेक्समैको प्राइवेट स्पेस में भारत की सबसे अनुभवी वैगन बनाने वाली कंपनी है। 2014-22 में मंदी का सामना करने के बाद वैगन बिजनेस ने फिर से अपनी स्थिति मजबूत कर ली है और FY23–24 में ऑर्डर वृद्धि FY14–22 की तुलना में लगभग 75 फीसदी अधिक रही। कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपिसिटी बढ़ा रही है और जल्द ही 1000 वैगन/माह के प्रोडक्शन तक पहुंचने की उम्मीद है।
FY24 में हाल ही में 1000 करोड़ रुपये के QIP के चलते टेक्समैको के लिए नेट कैश बैलेंस शीट तैयार हुई है। कंपनी अब वैगन, स्टील फाउंड्री और कंपोनेंट में कैपिसिटी बढ़ा रही है, ताकि भारत के रेलवे कैपेक्स सुपरसाइकिल और बढ़ते निर्यात अवसरों (चीन प्लस वन) का लाभ उठाया जा सके।