Textile stocks: विश्लेषकों का मानना है कि कपड़ा सेक्टर (टेक्सटाइल सेक्टर) एक नई कहानी बुन रहा है। कपड़ा कंपनियों के लिए वित्त वर्ष 2023 एक मुश्किल वर्ष था। इस अवधि में मांग में गिरावट के चलते ये सेक्टर दबाव में रहा। खुदरा विक्रेताओं के पास बहुत ज्यादा इन्वेंट्री थी। आपूर्ति सीमित थी, साथ ही कपास की कीमतें बढ़ रही थीं। लेकिन अब स्थितियों में सुधार देखने को मिल रहा है। जिसको देखते हुए बाजार के जानकार उम्मीद कर रहे हैं कि टेक्सटाइल स्टॉक्स का सबसे बुरा दौर खत्म हो गया है और जल्द ही मांग में सुधार के साथ इनके अच्छे दिन आते नजर आएंगे।
टेक्सटाइल कंपनियों को वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही तक फिर से मांग बढ़ने की उम्मीद है। उनका मानना है कि ग्लोबल रिटेल सेलर अपनी इन्वेंट्री कम कर रहे हैं। कुछ बाजार जानकारों का कहना है कि ग्लोबल खुदरा विक्रेताओं ने अपने समर / स्प्रिंग 2024 संग्रह के लिए ऑर्डर देने शुरू कर दिए हैं। ऐसे में वित्त वर्ष 2024 की दूसरी छमाही में कपड़ा कारोबार के वॉल्यूम में सुधार होने की उम्मीद है।
जेएम फाइनेंशियल की टेक्सटाइल सेक्टर पर राय
जेएम फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज का कहना है कि ग्लोबल खुदरा विक्रेताओं की अलमारियों पर इन्वेंट्री कम होने और समय के साथ बिक्री और इन्वेंट्री अनुपात में और गिरावट की संभावना के चलते वित्त वर्ष 2024 की दूसरी छमाही में कपड़ा कारोबार में मजबूती आने की उम्मीद है। इसके अलावा कपड़ा कारोबार में भारत के प्रतिस्पर्धी देशों में जियो पोलिटिकल अनिश्चितताओं के चलते भी भारतीय कपड़ा सेक्टर को फायदा होने की उम्मीद है। बाजार जानकारों का ये भी कहना है कि भारतीय कंपडा कंपनियों के अर्निंग और कैशफ्लो में लगातार मजबूती बनी हुई है। ये कपड़ा शेयरों (टेक्सटाइल शेयर) के लिए शुभ संकेत है।
शेयरखान का कहना है कि चीन + 1 रणनीति, सप्लाई से जुड़ी अनिश्चितताएं, यूके/यूरोप के साथ फ्री ट्रेड करार कुछ ऐसे पॉजिटिव फैक्टर है जिनके चलते आगे भारत की कपड़ा कंपनियों की कमाई में मजबूत बढ़त देखने को मिल सकती है। कंपनियों के कैपेक्स प्लान के पूरे होने के साथ ही अब इनका फोकस बैलेंस शीट को मजबूती देने और रिटर्न रेशियो में सुधार पर होगा। इसके अलावा, कपास और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भी टेक्सटाइल कंपनियों के मार्जिन में बढ़त देखने को मिलेगी।
शेयरखान की टेक्सटाइल सेक्टर की टॉप पिक्स
भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर की मध्यम से लंबी अवधि की मजबूत संभावनाओं को देखते हुए शेयरखान ने टेक्सटाइल सेक्टर पर अपने आउटलुक को 'neutral'से अपग्रेड करके ‘positive’कर दिया है। टेक्सटाइल सेक्टर में शेयर खान की पसंदीदा पिक्स गोकलदास एक्सपोर्ट्स, केपीआर मिल, हिमतसिंगका सीड और एसपी अपैरल्स हैं। शेयरखान का मानना है कि निर्यात बाजार में बढ़ती हिस्सेदारी और मजबूत ग्रोथ आउटलुक के चलते इन शेयरों में अच्छी कमाई हो सकती। बता दें कि शेयरखान ने ‘buy’ कॉल के साथ गोकलदास एक्सपोर्ट्स के शेयरों पर कवरेज भी शुरू किया है।
गोकलदास एक्सपोर्ट्स जेएम फाइनेंशियल का भी टेक्सटाइल सेक्टर का टॉप पिक है। इसका मानना कि एक्सपोर्ट मार्केट में बढ़ती हिस्सेदारी के कारण कंपनी के कारोबार में आगे जोरदार तेजी देखने को मिलेगी। इसके अलावा वेलस्पन इंडिया भी जेएम फाइनेंशियल को पसंद है। उसका कहना है कि वेलस्पन इंडिया को चीन + 1 रणनीति और फ्री ट्रेड करार का बड़ा फायदा मिलेगा।
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