बाजार फिलहाल काफी ओवरसोल्ड, कैपिटल गुड्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर पर बुलिश नजरिया- नवीन कुलकर्णी

Axis Securities के CIO नवीन कुलकर्णी ने कहा कि स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 20 फीसदी का करेक्शन देखने को मिला है। वहीं मिडकैप इंडेक्स में 16 फीसदी का करेक्शन देखने को मिला। यानी मिडकैप अपने शिखर से काफी करेक्ट हुए है। बाजार फिलहाल काफी ओवरसोल्ड हो चुका है। लेकिन कई ऐसे सेक्टर है जिसमें ग्रोथ अभी भी विजिबिलिटी लग रहा है

अपडेटेड Feb 22, 2025 पर 11:00 AM
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नवीन कुलकर्णी ने कहा कि कमोडिटी सेक्टर में कई ग्लोबल फैक्टर हावी होते हैं। एल्यूमीनियम स्पेस में पैसे बनने की संभावना ज्यादा नजर आ रही है।

बाजार में करेक्शन का दौर कायम है । पिछले कुछ दिनों से मिडकैप-स्मॉलकैप में रिकवरी दिख रही थी। लेकिन कल इसमें भी दबाव दिखा। बाजार में आए करेक्शन पर बात करते हुए Axis Securities के CIO नवीन कुलकर्णी ने कहा कि स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 20 फीसदी का करेक्शन देखने को मिला है। वहीं मिडकैप इंडेक्स में 16 फीसदी का करेक्शन देखने को मिला। यानी मिडकैप अपने शिखर से काफी करेक्ट हुए है। बाजार फिलहाल काफी ओवरसोल्ड हो चुका है। लेकिन कई ऐसे सेक्टर है जिसमें ग्रोथ अभी भी विजिबिलिटी लग रहा है। उनमें से एक सेक्टर इंडस्ट्रियल सेक्टर है। इंडस्ट्रियल सेक्टर में ग्रोथ विजिबिलिटी काफी बेहतर नजर आ रही है।

सेक्टर स्पेशिफिक निवेश करने की सलाह

उन्होंने आगे कहा कि लार्जकैप और मिडकैप में वैल्यूएशन थोड़ा कम हुआ है। कुछ वक्त तक लार्जकैप में ज्यादा बेहतर रिटर्न बना हुआ। काफी सारे स्टॉक्स मौजूदा स्तर से अच्छे रिटर्न बनाकर देने की क्षमता रखते है। सेक्टर स्पेशिफिक निवेश करने की सलाह होगी ।


कैपिटल गुड्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर बुलिश नजरिया

नवीन कुलकर्णी ने कहा कि BSFI स्पेस में बैंक या एनबीएफसी को देखें तो दोनों ही स्पेस में रिटर्न बनने की संभावनाए है। क्योंकि इस स्पेस में क्रेडिट साइकिल को लेकर जो चुनौतियां बनी हुई थी वह चुनौतियां कम हुई है। इसके अलावा डिपाजिट और लोन ग्रोथ में भी सुधार दिख रहा है। Q4 में एनबीएफसी और बैंकिंग के अर्निंग ग्रोथ बेहतर दिख सकते है। कैपिटल गुड्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर पर हमारा बुलिश नजरिया है। इस सेक्टर में आगे अच्छी संभावनाएं नजर आ रही है।

कमोडिटी सेक्टर में कई ग्लोबल फैक्टर हावी

नवीन कुलकर्णी ने कहा कि कमोडिटी सेक्टर में कई ग्लोबल फैक्टर हावी होते हैं। एल्यूमीनियम स्पेस में पैसे बनने की संभावना ज्यादा नजर आ रही है। हालांकि केमिकल स्पेस में स्टॉक स्पेशिफिक देखें तो एक्शन नजर आ रहा है। लिहाजा केमिकल सेक्टर में चुनिंदा शेयरों में निवेश कर सकते है।

ऑटो सेक्टर में पैसेंजर व्हीकल कंपनियों में बाईंग ऑर्पुचिनिटी

भारतीय ऑटो कंपनियों की कॉम्पिटेटिव कैपेबिलिटी बहुत ज्यादा रही है। बीते 4-5 सालों में भारतीय ऑटो कंपनियों ने अपने नए मॉडल लॉन्च किए है वह काफी हाई क्वालिटी मॉडल रहे है और उसके हिसाब से कंपनियों ने अपना मार्केट शेयर भी गेन किया है। ऑटो सेक्टर में मौजूदा समय में आई गिरावट खरीदारी का मौका दे रही है। एमएंडएम जैसे ऑटो कंपनियों के मॉडल साइकिल काफी मजबूत है। इस सेक्टर में पैसेंजर व्हीकल कंपनियों में बाईंग ऑर्पुचिनिटी बन सकती है।

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