Market cues : 24100-24000 के ऊपर टिके रहने पर निफ्टी में देखने को मिल सकती है 24800-25000 तक की तेजी
Nifty Trade setup : सभी पॉजिटिव संकेतों को ध्यान में रखते हुए कहा जा सकता है कि अगर निफ्टी में और खरीदारी (follow-through buying) होती है और यह अपने 200-डे EMA के ऊपर बना रहता है तो 24,500-24,600 के जोन (पिछले स्विंग हाई) की ओर और तेजी आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता
MoneyControl News
अपडेटेड Aug 03, 2026 पर 8:28 AM
Trade Setup : मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में शुक्रवार को 3.29% की गिरावट आई और यह 12 के स्तर से नीचे 11.755 पर आ गया। यह 7 जुलाई के बाद से इसका सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है,जिससे तेजड़ियों को मज़बूत सहारा मिला है
Trade setup for today : बीते हफ्ते निफ्टी में 5 में से 4 सेशन में बढ़त देखने को मिली। 31 जुलाई को इसमें 0.27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और 24 जुलाई के निचले स्तर से यह 2.6 प्रतिशत ऊपर जाता दिखा। 200-डे EMA (24,370) के ऊपर बंद होने के साथ,इंडेक्स अपने सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर आ गया और मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी और सुधार देखने को मिला। इस बीच,यूएस प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने वाले बड़े हमलों को रोक दिया है। इससे तेल की कीमतों में नरमी आने की संभावना बनी है। उधर, वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX (India VIX) में भी नरमी बनी हुई है। सभी पॉजिटिव संकेतों को ध्यान में रखते हुए कहा जा सकता है कि अगर निफ्टी में और खरीदारी (follow-through buying) होती है और यह अपने 200-डे EMA के ऊपर बना रहता है तो 24,500-24,600 के जोन (पिछले स्विंग हाई) की ओर और तेजी आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर 24,100-24,000 जोन का सपोर्ट कायम रहता है,तो इस जोन के ऊपर की कोई मजबूत चाल निफ्टी के लिए 24,800-25,000 के स्तर तक पहुंचने का रास्ता खोल सकती है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,321, 24,291 और 24,241
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,420, 24,451 और 24,501
शुक्रवार को निफ्टी 50 ने लगातार तीसरे सेशन में अपनी बढ़त जारी रखी और इसमें लगातार पांचवें दिन 'हायर हाई-हायर लो'का पैटर्न बनाया। इंडेक्स ने ऊपर और नीचे की विक्स (wicks) वाली एक स्मॉल बॉडी बुलिश कैंडल बनाई,जो हाल की रैली के बाद बुल्स और बेयर्स के बीच उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता का संकेत है। आखिरकार निफ्टी 6 जुलाई के बाद पहली बार अपने 200-डे EMA (24,370) के ऊपर जाता दिखा। यह पहले से ही अपने दूसरे अहम मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा था और इसके शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज भी ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI बढ़कर 59.21 पर आ गया,जबकि MACD ने बुलिश क्रॉसओवर दिखाया और हिस्टोग्राम पॉजिटिव हो गया। ये सभी इंडिकेटर बुलिश मोमेंटम के मज़बूत होने का संकेत हैं।
बैंक निफ्टी (57,265) के लिए अहम लेवल
पिवट प्वाइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,376, 57,440 और 57,543
पिवट प्वाइंट्सके आधार पर सपोर्ट: 57,168, 57,104 और 57,000
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,247, 61,787
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742
उठा-पटक के बीच बैंक निफ्टी में 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई और डेली चार्ट पर इसने एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ छोटी शैडो और ऊपर की तरफ थोड़ी लंबी शैडो थी। पूरे हफ्ते यह इंडेक्स अपने 20-डे और 100-डे EMA के बीच ऊपर-नीचे होता रहा,लेकिन अपनी बढ़त (अपट्रेंड) को जारी रखने के लिए इसे 20-डे EMA (57,282) के ऊपर टिकने की जरूरत है। मई के लो से जून के हाई (57,305) तक की रैली के 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल पर बैंक निफ्टी को रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा,शुक्रवार को यह इसके ऊपर बंद नहीं हो पाया। RSI 50.54 पर है और पॉजिटिव क्रॉसओवर के करीब है,जबकि MACD पिछले चार दिनों से ज़ीरो लाइन के ऊपर लगभग सपाट रहा,लेकिन सिग्नल लाइन के नीचे बना रहा। MACD हिस्टोग्राम ने मंदी के रुझान (बेयरिश मोमेंटम)के कमजोर पड़ने का संकेत दिया। ये सभी इंडिकेटर मोमेंटम में सुधार का संकेत दे रहे हैं,हालांकि और बढ़त की पुष्टि के लिए 20-डे EMA के ऊपर एक टिकाऊ चाल की जरूरत है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार चौथे सत्र में भी खरीदारी जारी रखी और 31 जुलाई को ₹277 करोड़ के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सहारा दिया और ₹2,260 करोड़ के शेयर खरीदकर वे भी नेट बॉयर बन गए।
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में शुक्रवार को 3.29% की गिरावट आई और यह 12 के स्तर से नीचे 11.755 पर आ गया। यह 7 जुलाई के बाद से इसका सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है,जिससे तेजड़ियों को मज़बूत सहारा मिला है। अगर यह 12 के स्तर से नीचे बना रहता है,तो बुल्स बेहतर स्थिति में रह सकते हैं,जो बाजार में स्थिरता का संकेत है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 31 जुलाई को बढ़कर 1.39 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 1.26 था। PCR का बढ़ना,या 0.7 से ज्यादा होना या 1 से ऊपर निकल जाना,इस बात का संकेत होता है कि ट्रेडर्स कॉल ऑप्शन के मुकाबले पुट ऑप्शन ज्यादा बेच रहे हैं। आम तौर पर,यह बाजार में तेजी (bullish sentiment) का संकेत होता है। अगर यह रेश्यो 0.7 से नीचे गिरता है या 0.5 की तरफ जाता है,तो इसका मतलब है कि पुट के मुकाबले कॉल की बिक्री ज्यादा हो रही है,जो बाजार में मंदी का संकेत है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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