Market cues : बाजार का ट्रेंड अभी भी कमजोर, उछाल में बिकवाली की रणनीति की मिल रही सलाह
Nifty Trade setup : एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक निफ्टी 23,600 के नीचे ट्रेड करेगा,तब तक कंसोलिडेशन और एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसमें 23,000 का लेवल निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम करेगा। ऐसे में सेल-ऑन-रैली'की रणनीति ही बेहतर रहेगी
Trade Setup : मार्केट में डर का पैमाना माने जाने वाले India VIX में लगातार तीसरे सेशन में गिरावट आई। शुक्रवार को यह 7.36% गिरकर 11.38 पर आ गया और अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे चला गया
Trade setup for today : निफ्टी ने लगातार तीसरे सेशन में अपनी बढ़त जारी रखी और 18 सितंबर को इसमें 0.33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। लेकिन इंडेक्स अभी भी मुश्किलों से पूरी तरह बाहर नहीं निकला है। बाजार पर काफी हद तक अभी भी बियर्स का दबदबा बना हुआ है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है और ये सभी नीचे की ओर जा रहे हैं,जो लगातार बनी कमजोरी का संकेत है।
तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर बनी रहने और US बॉन्ड यील्ड के 5 प्रतिशत से ज़्यादा होने का असर भी मार्केट सेंटीमेंट पर पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक निफ्टी 23,600 के नीचे ट्रेड करेगा,तब तक कंसोलिडेशन और एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसमें 23,000 का लेवल निफ्टी के लिए एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम करेगा। ऐसे में सेल-ऑन-रैली'की रणनीति ही बेहतर रहेगी।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
निफ्टी 50 (23,346) के लिए अहम लेवल
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,380, 23,404 और 23,443
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,302, 23,277 और 23,238
निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन
डेली चार्ट पर निफ्टी ने ऊपर और नीचे शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई, जो 'हाई-वेव' कैंडलस्टिक पैटर्न जैसी दिखती है और इससे दिशा साफ न होने का संकेत मिलता है।'लोअर हाई-लोअर लो'का बड़ा पैटर्न बना हुआ है। जबकि सभी मुख्य मूविंग एवरेज नीचे की ओर ही चल रहे हैं। RSI बढ़कर 33.66 हो गया और इसमें पॉजिटिव क्रॉसओवर दिखा। साथ ही हिस्टोग्राम में कमजोरी लगातार तीसरे सेशन में कम हुई। हालांकि MACD अपनी सिग्नल लाइन से काफी नीचे बना रहा। ये सभी संकेत बताते हैं कि इंडेक्स में रिकवरी के कुछ संकेत दिख रहे हैं,लेकिन बड़ा ट्रेंड अभी भी कमजोर बना हुआ है।
बैंक निफ्टी (56,359) के लिए अहम लेवल
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,472, 56,572 और 56,734
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,148, 56,048 और 55,886
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,285, 59,261
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,749, 55,050
बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन
एक दिन की गिरावट के बाद बैंक निफ्टी में 0.54 प्रतिशत की रिकवरी हुई,लेकिन इसमें अभी भी मजबूती की कमी रही। इंडेक्स ने एक और सेशन में 10-दिन के EMA को टेस्ट किया,लेकिन किसी भी सेशन में उसके ऊपर बंद होने में नाकाम रहा। इंडेक्स ने पिछले दिन की रेंज के अंदर एक बुलिश कैंडल बनाई,जो पॉजिटिव चाल के बावजूद रेंज-बाउंड ट्रेडिंग को दिखाता है। यह सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा और शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुकते रहे।
42.75 पर RSI एक पॉज़िटिव क्रॉसओवर के करीब है। जबकि स्टोकेस्टिक RSI ने अपना बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा है। MACD रेफरेंस लाइन से काफी नीचे बना रहा,हालांकि रेड हिस्टोग्राम बार लगातार तीसरे सेशन में भी छोटा होता रहा। ये सभी संकेत बताते हैं कि इंडेक्स में रिकवरी के कुछ संकेत दिख रहे हैं,लेकिन बड़ा ट्रेंड अभी भी कमजोर है और ऊपर की ओर बढ़त सीमित रह सकती है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार 7 सत्रों से जारी बिकवाली का सिलसिला तोड़ते हुए 18 सितंबर को ₹599 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सपोर्ट देना जारी रखा और सत्र के दौरान ₹1,000 करोड़ से अधिक के शेयर खरीदे।
इंडिया VIX
मार्केट में डर का पैमाना माने जाने वाले India VIX में लगातार तीसरे सेशन में गिरावट आई। शुक्रवार को यह 7.36% गिरकर 11.38 पर आ गया और अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे चला गया। इससे बुल्स के लिए स्थिति बेहतर हो गई। अगर यह 12 के लेवल से नीचे बना रहता है तो बुल्स आरामदायक स्थिति में रह सकते हैं और मार्केट में ज्यादा स्थिरता आ सकती है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 18 सितंबर को बढ़कर 1.06 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.99 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, मणप्पुरम फाइनेंस, सेल
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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