Market cues : मोमेंटम इंडिकेटर हुए और कमजोर, शॉर्ट टर्म में निफ्टी के 23606 की ओर गिरने का डर
Nifty Trade setup : बाजार जानकारों का मानना है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी के 23,606 (जुलाई के निचले स्तर) से नीचे जाने की काफी संभावना है और इसके बाद 23,500 का स्तर भी आ सकता है। ये दोनों ही तत्काल अहम सपोर्ट लेवल हैं। वहीं,ऊपर की तरफ 23,900–24,000 का जोन रेजिस्टेंस का काम कर सकता है
Trade Setup : बाजार के मूड को दर्शा ने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 7 सितंबर को गिरकर 0.69 पर आ गया
Trade setup for today : 7 सितंबर को निफ्टी 50 में 0.50 फीसदी की गिरावट आई,जिससे हफ़्ते की शुरुआत कमजोर रही। इंडेक्स के पिछले हफ्ते के निचले स्तर से नीचे जाने के कारण मंदी का माहौल और मजबूत हुआ, जबकि शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज 50 और 100 डे EMA से नीचे बने रहे और मोमेंटम इंडिकेटर और कमज़ोर हो गए। इसलिए, बाजार जानकारों का मानना है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी 50 के 23,606 (जुलाई के निचले स्तर) से नीचे जाने की काफी संभावना है और इसके बाद 23,500 का स्तर भी आ सकता है। ये दोनों ही अहम सपोर्ट लेवल हैं। ऊपर की तरफ,23,900–24,000 का जोन रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
निफ्टी 50 (23779) के लिए अहम लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,744, 23,708 और 23,650
पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 23,860, 23,896 और 23,954
निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन
निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक बेयरिश कैंडल बनाई,जो कमजोरी का संकेत है। 10, 20, 50 और 100 डे EMA नीचे की ओर झुके हुए थे,जबकि 10 और 20 डे के EMA, 50 और 100 डे EMA से नीचे बने रहे। RSI गिरकर 34.72 पर आ गया,जबकि MACD और नीचे गिर गया और ज़ीरो लाइन और सिग्नल लाइन दोनों से नीचे रहा, साथ ही रेड हिस्टोग्राम बार भी बढ़ रहे थे। ये सभी संकेत बताते हैं कि अंडरलाइंग मोमेंटम कमजोर बना हुआ है और बेयरिश ट्रेंड मजबूत हो रहा है।
बैंक निफ्टी (57088) के लिए अहम लेवल
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,335, 57,435 और 57,597
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,011, 56,911 और 56,749
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,367, 57,684
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,870, 56,493
बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन
बैंक निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर एक लॉन्ग रेड कैंडल बनाई और अपने 50 डे EMA के नीचे आ गया,जिससे पता चलता है कि बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है। इसके साथ ही इंडेक्स अब अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है,जो निकट भविष्य में कमजोरी का संकेत है। RSI गिरकर 44.56 पर आ गया, जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे बना रहा और लगातार पांचवें सेशन में लाल हिस्टोग्राम बार बढ़ते रहे। ये सभी बातें बताती हैं कि मंदी का रुझान मज़बूत हो रहा है और निकट भविष्य के लिए नजरिया कमजोर बना हुआ है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
कुछ दिनों की गिरावट के बाद फीयर इंडेक्स 'इंडिया VIX' 4.49% बढ़कर 11.16 पर आ गया,लेकिन यह अभी भी चिंताजनक स्तर से काफी नीचे है। असल में यह इंडेक्स अभी भी अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे है,जो बताता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव अभी भी काफी कम है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शा ने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 7 सितंबर को गिरकर 0.69 पर आ गया (जो 1 जून, 2026 के बाद का सबसे निचला स्तर है),जबकि पिछले सेशन में यह 0.92 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: इनॉक्स विंड,केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया,एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस,सेल
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