Market cues : खतरे में 23800 का लेवल, यह सपोर्ट टूटने पर निफ्टी में 23,600 तक की गिरावट मुमकिन
Nifty Trade setup : मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब 23,800 का अहम लेवल भी खतरे में पड़ सकता है। अगर यह लेवल टूटता है,तो निफ्टी में जुलाई के निचले स्तर 23,600 तक गिरावट आ सकती है। हालांकि,अगर इसमें उछाल आता है तो निफ्टी को 24,000-24,200 के जोन में रुकावट का सामना करना पड़ सकता है
Trade Setup : बैंक निफ्टी 0.41 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ,लेकिन डेली चार्ट पर इसने एक बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ लंबी शैडो और ऊपर की तरफ छोटी विक थी। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी में दिलचस्पी है
Trade setup for today : US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी,तेल में तेजी और वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच निफ्टी कल लगातार तीसरे सेशन में दबाव में रहा । 2 सितंबर को यह 0.6 फीसदी गिरकर बंद हुआ। बाजार में बिकवाली हावी होने के कारण,यह इंडेक्स अब सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है, जबकि मोमेंटम इंडिकेटर भी कमजोर हो रहे हैं। ऐसे में बुधवार के निचले स्तर के आसपास स्थित 23,800 का अहम लेवल भी आगे चलकर खतरे में पड़ सकता है।
अगर यह लेवल टूटता है,तो इंडेक्स जुलाई के निचले स्तर 23,600 तक गिर सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स में उछाल आता है तो उसे 24,000-24,200 के दायरे में रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। जानकारों का कहना है कि किसी भी उछाल की मजबूती पर नजर रखना होगा। इस समय बाजार में उछाल पर बिकवाली की रणनीति अपनाना सही रणनीति हो सकती है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
निफ्टी 50 (23914) के लिए अहम लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,823, 23,793 और 23,744
पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस :23,921, 23,951 और 23,999
निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ एक साफ'लोअर शैडो'(lower shadow) दिखी। यह निचले स्तरों पर खरीदारी आने और शुरुआती'बेयरिश गैप'(bearish gap) के आंशिक रूप से भरने के संकेत हैं। हालांकि,बिकवाली का दबाव बना रहा। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा। 10-दिन का EMA, 50-दिन और 100-दिन के EMA से नीचे बना हुआ है,जबकि 20-दिन का EMA, 100-दिन के EMA से नीचे जाने की कगार पर है,जो निकट भविष्य में और कमजोरी आने का संकेत है।
निफ्टी अब जून के निचले स्तर से अगस्त के ऊंचे स्तर तक की रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से भी नीचे आ गया। RSI 40 के निशान से नीचे गिरकर 38.34 पर आ गया है। जबकि, MACD ज़ीरो लाइन और सिग्नल लाइन दोनों से नीचे बना रहा और रेड हिस्टोग्राम बार लगातार तीसरे सेशन में बढ़ता रहा। ये सभी इंडिकेटर कमजोर मोमेंटम और बेयरिश टेक्निकल सेटअप की ओर इशारा कर रहे हैं।
बैंक निफ्टी (57,172) के लिए अहम लेवल
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,224, 57,318 और 57,470
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,920, 56,826 और 56,674
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,367, 57,684
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,870, 56,493
स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी 0.41 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ,लेकिन डेली चार्ट पर इसने एक बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ लंबी शैडो और ऊपर की तरफ छोटी विक थी। इससे पता चलता है कि निचले स्तरों पर खरीदारी में दिलचस्पी है। इंडेक्स ने शुरुआती बेयरिश गैप को आंशिक रूप से भरा और हाल की रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के ऊपर वापस आ गया। हालांकि,यह 50-दिन के EMA सपोर्ट से नीचे आ गया जो लगभग एक महीने तक बना हुआ था। साथ ही,यह शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा,जिससे सावधानी बरतने और निकट भविष्य में कंसोलिडेशन की संभावना का संकेत मिलता है। RSI गिरकर 45.49 पर आ गया और अपनी सिग्नल लाइन से नीचे बना रहा। MACD काफी हद तक साइडवेज रहा,हालांकि रेड हिस्टोग्राम बार एक और सेशन के लिए बढ़ा। ये सभी संकेत एक सतर्क तकनीकी स्थिति की ओर इशारा करते हैं। संभावना है कि इंडेक्स निकट भविष्य में कंसोलिडेशन मोड में रहेगा।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला इंडेक्स,इंडिया VIX कल 3.6% बढ़कर 11.59 पर पहुंच गया और अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर चला गया। यह तोजड़ियों के लिए थोड़ी सावधानी का संकेत है। हालांकि,VIX अभी भी चिंताजनक स्तर से काफी नीचे है। जब तक यह 13-14 के दायरे से नीचे रहता है,तब तक बुल्स को किसी बड़े जोखिम का सामना नहीं करना पड़ सकता है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 2 सितंबर को गिरकर 0.87 पर आ गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.89 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस, सेल (SAIL)
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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