केंद्रीय कैबिनेट ने आईडीबीआई बैंक की रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी दे दी है। फेयरफैक्स आईडीबीआई बैंक में सरकार और एलआईसी से हिस्सेदारी खरीदेगी। दोनों मिलकर आईडीबीआई बैंक में अपनी 60.72 फीसदी हिस्सेदारी बेचेंगे। इसकी वैल्यू 57,878 करोड़ रुपये हो सकती है।

केंद्रीय कैबिनेट ने आईडीबीआई बैंक की रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी दे दी है। फेयरफैक्स आईडीबीआई बैंक में सरकार और एलआईसी से हिस्सेदारी खरीदेगी। दोनों मिलकर आईडीबीआई बैंक में अपनी 60.72 फीसदी हिस्सेदारी बेचेंगे। इसकी वैल्यू 57,878 करोड़ रुपये हो सकती है।
LIC और सरकार 30-30 फीसदी बनाए रखेंगे
सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी 30.48 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी, जबकि LIC अपनी 30.24 हिस्सेदारी बेचेगी। यह हिस्सेदारी कनाडा इंक खरीदेगी। इसकी पेरेंट कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स है। सरकार पिछले कई सालों से आईडीबीआई में अपनी और एलआईसी की कुछ हिस्सेदारी बेचने की कोशिश कर रही थी।
IDBI Bank के शेयरों में जबर्दस्त तेजी
आईडीबीआई बैंक के शेयरों में 14 अक्तूबर को जबर्दस्त तेजी दिखी। यह 8.33 फीसदी चढ़कर 89.85 रुपये पर बंद हुआ। यह शेयर इस साल 13 फीसदी से ज्यादा गिरा है। डील की शर्तों के मुताबिक, सरकार और एलआईसी की आईडीबीआई बैंक में 34 फीसदी हिस्सेदारी बनी रहेगी। फेयरफैक्स को भी तीन साल तक आईडीबीआई बैंक के ब्रांड को बनाए रखना होगा।
52000 करोड़ रुपये से ज्यादा की डील
आईडीबीआई बैंक की रीस्ट्रक्चरिंग के बारे में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया। उन्होंने कहा कि यह डील 52000 करोड़ रुपये से ज्यादा की होगी। डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के मुताबिक, सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी 30.48 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। LIC अपनी 30.24 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी।
LIC को हिस्सेदारी घटाकर 15% तक लानी होगी
शेयर पर्चेज एग्रीमेंट के तहत निवेश की गई पूंजी तीन साल के लिए लॉक रहेगी। दो साल के अंदर LIC को आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 15 फीसदी तक लानी होगी। आरबीआई के नियम के तहत ऐसा करना जरूरी है। DIPAM सेक्रेटरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस साल दिसंबर तक शेयर पर्चेज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हो जाने की उम्मीद है।
फेयरफैक्स ने रिजर्व कीमत से ज्यादा की पेशकश की
DIPAM सेक्रेटरी ने बताया कि क्वालिफायड बिड्स की इवैल्यूएशन के लिए प्रति शेयर 81 रुपये के बेंचमार्क प्राइस का इस्तेमाल किया गया। फेयरफैक्स ने इस कीमत से ज्यादा कीमत में आईडीबीआई बैंक को खरीदने की पेशकश की। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब आईडीबीआई बैंक का नियंत्रण रणनीतिक खरीदार के पास जाने का रास्ता साफ हो गया है।
कनाडा इंक को सीएसबी बैंक के बारे में लेना होगा फैसला
कनाडा इंक अब आरबीआई को कंप्लायंस का रोडमैप सौंपेगी। आरबीआई के नियमों के मुताबिक, कनाडा इंक को अब फैसला लेना होगा कि वह आईडीबीआई बैंक में सीएसबी बैंक का विलय करेगी या वह सीएसबी बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेच देगी। इस बारे में उसे शेयर पर्चेंज एग्रीमेंट होने के दो साल के अंदर फैसला लेना होगा।
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