अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट की आंधी ने शुक्रवार 6 नवंबर को एशियाई बाजारों को भी अपनी चपेट में ले लिया। भारत को छोड़ बाकी सभी एशियाई बाजारों में कोहराम मच गया। दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स KOSPI शुरुआती कारोबार में करीब 9 फीसदी तक टूट गया। गिरावट इतनी तेज थी कि कोरिया एक्सचेंज को 20 मिनट के लिए कारोबार रोकना पड़ा। वहीं, जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 5 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली से एशियाई बाजारों में हाहाकार मचा हुआ है।
दक्षिण कोरिया, जापान सहित सभी बाजारों के सूचकांक फिसले
KOSPI शुरुआती कारोबार में 8.8 फीसदी तक गिरकर 5,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया। यह करीब नौ महीने का निचला स्तर है। इसके बाद इंडेक्स में कुछ रिकवरी आई। भारतीय समय के मुताबिक, 12:15 बजे यह 6.19 फीसदी गिरकर 5,050 पर चल रहा था। जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 5.27 फीसदी गिरकर 57,858.61 पर आ गया। हांगकांग का Hang Seng इंडेक्स 0.77 फीसदी गिरकर 24,607.21 पर आ गया, जबकि MSCI Asia Pacific Index करीब 3 फीसदी नीचे था।
दक्षिण कोरिया में Samsung और SK Hynix के शेयरों में भारी बिकवाली
एशियाई बाजारों में गिरावट की सबसे ज्यादा मार सेमीकंडक्टर कंपनियों पर पड़ी। दक्षिण कोरिया की चिप बनाने वाली कंपनियों Samsung Electronics और SK Hynix के शेयरों में भारी बिकवाली हुई। शुरुआती कारोबार में Samsung Electronics के शेयर करीब 10 फीसदी और SK Hynix के शेयर 13 फीसदी तक टूट गए। बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा था कि दोनों शेयरों पर कारोबार की शुरुआत में अस्थायी ट्रेडिंग प्रतिबंध लगाना पड़ा।
जापान की Kioxia का शेयर 14 फीसदी तक फिसला
जापान की सेमीकंडक्टर कंपनी Kioxia के शेयर 14 फीसदी तक गिर गए। वहीं, ताइवान की दिग्गज चिप निर्माता कंपनी Taiwan Semiconductor Manufacturing Company (TSMC) के शेयरों में 8.5 फीसदी की गिरावट आई। AI कंपनियों में बड़े निवेश के लिए पहचानी जाने वाली जापान की SoftBank Group के शेयर भी 11 फीसदी लुढ़क गए। बाजार में बिकवाली का असर सिर्फ टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। दक्षिण कोरिया की ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। Hyundai Motor के शेयर 6.9 फीसदी और Kia के शेयर 4 फीसदी टूट गए। बैटरी निर्माता LG Energy Solution के शेयरों में भी 4 फीसदी की गिरावट आई।
अमेरिकी चुनाव नतीजों से बढ़ी AI सेक्टर को लेकर चिंता
एशियाई बाजारों में इस गिरावट के पीछे अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजों को एक बड़ी वजह माना जा रहा है। चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत के बाद निवेशकों को आशंका है कि अमेरिका में AI कंपनियों पर नियामकीय निगरानी बढ़ सकती है। इसके अलावा डेटा सेंटर के निर्माण और विस्तार पर भी सख्ती की आशंका है। निवेशकों को डर है कि अगर AI कंपनियों पर नियम सख्त होते हैं और डेटा सेंटर में निवेश की रफ्तार धीमी पड़ती है, तो सेमीकंडक्टर चिप और AI इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर दुनिया भर में हो रहे भारी-भरकम निवेश से भविष्य में पर्याप्त कमाई होगी या नहीं, इसे लेकर भी बाजार में चिंता बनी हुई है।
दक्षिण कोरिया के बाजारों में चिप बनाने वाले शेयरों से आई थी तेजी
दक्षिण कोरिया का बाजार इस बदलाव से ज्यादा प्रभावित हुआ है, क्योंकि पिछले कुछ समय में KOSPI की तेजी में सेमीकंडक्टर कंपनियों की बड़ी भूमिका रही है। मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों और AI से जुड़ी मांग के कारण Samsung Electronics और SK Hynix जैसे शेयरों में जोरदार तेजी आई थी। जून में अपने शिखर तक पहुंचने से पहले KOSPI ने साल भर में करीब तीन गुना की बढ़त दर्ज की थी। अब AI निवेश को लेकर बढ़ती आशंकाओं के कारण बाजार में तेज मुनाफावसूली देखने को मिल रही है।