Vedanta June Quarter Results: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड बेसिस पर शुद्ध मुनाफा 5473 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे 3185 करोड़ रुपये से 72 प्रतिशत ज्यादा है। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 53.6 प्रतिशत बढ़कर 24205 करोड़ रुपये हो गया। जून 2025 तिमाही में यह 15754 करोड़ रुपये था। कंपनी के बोर्ड की मीटिंग में नतीजों को मंजूरी मिलने के बाद इन्हें जारी किया गया।
Vedanta ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसके कुल खर्च बढ़कर 17,558 करोड़ रुपये पर पहुंच गए। एक साल पहले खर्च 13,203 करोड़ रुपये के दर्ज किए गए। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 54.72 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
तिमाही नतीजे आने से पहले वेदांता के शेयर में गिरावट थी। लेकिन नतीजे जारी होने के बाद शेयर हरे निशान में है। बीएसई पर शेयर पिछले बंद भाव से 2 प्रतिशत तक चढ़कर 269.55 रुपये के हाई तक गया। बाद में 1 प्रतिशत से ज्यादा बढ़त के साथ 267.60 रुपये पर सेटल हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है।
डीमर्जर के बाद निकलीं 4 कंपनियों की जून में हुई थी लिस्टिंग
डीमर्जर के तहत वेदांता लिमिटेड से अलग हुई 4 कंपनियों- वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड, वेदांता पावर लिमिटेड, वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड और वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड की 15 जून 2026 को शेयर बाजार में लिस्टिंग हुई थी। डीमर्जर के बाद बेस मेटल कारोबार वेदांता लिमिटेड के तहत ही है। पहले से लिस्टेड वेदांता लिमिटेड के शेयर 30 अप्रैल 2026 से डीमर्जर के हिसाब से एडजस्ट होकर ट्रेड कर रहे हैं। 30 अप्रैल को स्टॉक की ट्रेडिंग BSE पर ₹290.50 और NSE पर ₹289.50 के एडजस्टेड प्राइस पर शुरू हुई थी। शेयर की एडजस्टेड कीमत का पता लगाने के लिए NSE और BSE पर एक स्पेशल प्री-ओपनिंग सेशन हुआ।
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