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Archegos मामले से मिली सीख, जानिए निवेशक बाजार जोखिम को कम करने के लिए क्या करें-क्या न करें

इस हफ्ते Archegos कैपिटल द्वारा 20 अरब डॉलर की forced fire sale सुर्खियों में रही.

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 03, 2021 पर 10:40 PM
Archegos मामले से मिली सीख, जानिए निवेशक बाजार जोखिम को कम करने के लिए क्या करें-क्या न करें

दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट ने शेयर मार्केट्स के डेरीवेटिव्स को सामूहिक विनाश का वित्तीय हथियार कहा है। यह बात बेवजह नहीं कही गई है। इसके पीछे कुछ अहम कारण हैं। हमें डेरीवेटिव्स में हाथ आजमाने के पहले कुछ सावधानियां जरूर बरतनी चाहिए। इस हफ्ते Archegos कैपिटल द्वारा 20 अरब डॉलर की forced fire sale सुर्खियों में रही। इस घटना से हमें बहुत कुछ सीखने को भी मिला है जिसको ध्यान में रखकर हम बाजार में अपना जोखिम कम कर सकते हैं।

Archegos मामले की वजह से तमाम वित्तीय ससंस्थाएं और बैंक मुश्किल में आ गए। हालांकि इस तरह के जटिल इन्वेस्टमेंट रणनीतियों से व्यक्तिगत निवेशकों का कोई खास मतलब नहीं होता। लेकिन इस घटना से सामान्य निवेशकों को भी बहुत कुछ सीखने को मिलता है।

इक्विटी मार्केट में लंबे नजरिए से निवेश करें और कर्ज लेकर निवेश न करें. 

बता दें कि डेरेवेटिव्स के तहत लीवरेज्ड पोजीशन ली जा सकती है। यानी एक लाख रुपये रख के आप 5 लाख रुपये की पोजीशन ले सकते हैं। ऐसा आप इस उम्मीद में करते हैं कि आपने जिस भी इंस्ट्रूमेंट में पैसा लगाया है, उसमें बढ़ोतरी होगी। लेकिन कई बार इसका उल्टा हो जाता है। आपने जिस भी अंडरलेइंग में पैसा लगाया है, उसकी चाल उल्टी भी पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में आपको 5 गुना घाटा होता है।

प्लान रूपी (Plan Rupee Investment Services) के अमोल जोशी का कहना है कि अगर स्टॉक की कीमतें आपकी उम्मीद के विपरीत दिशा अपना लेती हैं  तो आपके पोर्टफोलियो की वैल्यू घट जाएगी। जानकारों का कहना है कि ट्रेडिंग के लिए डेरिवेटिव्स अथवा उधार के फंड का उपयोग करना खतरनाक साबित हो सकता है। इससे बचने की कोशिश करनी चाहिए।

जानाकरों का कहना है कि डेरिवेटिव्स में तभी कारोबार करना चाहिए जब आपको उसके बारे में अच्छी तरह से जानकारी हो। ऐसा न होने पर आपको नुकासन उठाना पड़ सकता है। जानकारों का कहना है कि Archegos की घटना से हमें यह सीख मिलती है कि उधार के पैसों से ट्रेडिंग न करें।

बहुत सारे व्यक्तिगत निवेशक ट्रेडिंग और निवेश के बीच फर्क नहीं कर पाते। शेयर बाजार में जोखिम से बचने के लिए निवेशकों को लंबे नजरिए से निवेश करना चाहिए। लंबे नजरिए का मतलब है कि कम से एक साल ज्यादा की अवधि के लिए निवेश करना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि डेरिवेटिव अथवा मार्जिन ट्रेडिंग शॉर्ट ट्रेडिंग होती है। इसको आपको निवेश नहीं समझना चाहिए।

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