होम अप्लायंसेज कंपनी व्हर्लपूल ऑफ इंडिया लिमिटेड के शेयर में 25 सितंबर को जमकर खरीद हो रही है। दिन में शेयर में 12 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। बीएसई पर शेयर 959.60 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 11700 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। इससे पहले 23 सितंबर को शेयर में 20 प्रतिशत तेजी आई थी और अपर सर्किट लगा था। 24 सितंबर को शेयर 1 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुआ था। हाल ही में CNBC-Awaaz की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रमोटर व्हर्लपूल मॉरीशस कंपनी में पूरी हिस्सेदारी बेचने वाली है।
जून 2026 के आखिर तक व्हर्लपूल ऑफ इंडिया में प्रमोटर्स के पास 39.76 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, संभावित खरीदारों में बड़े निवेशक और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बनाने वाली एक बड़ी MNC कंपनी शामिल है। कहा गया था कि डील आखिरी दौर में है और आने वाले हफ्तों में इसकी घोषणा होने की उम्मीद है।
प्रमोटर व्हर्लपूल मॉरीशस साल 2023 से ही व्हर्लपूल ऑफ इंडिया में अपनी हिस्सेदारी बेच रही है। पिछले साल इसने 11.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची थी। पिछले तीन सालों में व्हर्लपूल मॉरीशस की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत से घटकर 39.76 प्रतिशत रह गई है।
BSE और NSE ने Whirlpool of India से मांगा था क्लैरिफिकेशन
प्रमोटर के जल्द ही हिस्सेदारी बेच सकने की खबर आने और 23 सितंबर को शेयर में अपर सर्किट लगने के बाद BSE और NSE ने व्हर्लपूल ऑफ इंडिया से सफाई मांगी थी। जवाब में कंपनी ने कहा कि व्हर्लपूल कॉर्पोरेशन का कंपनी में अपनी हिस्सेदारी कम करने का इरादा 30 जनवरी, 2025 से ही सार्वजनिक जानकारी में है। हालाकि, कंपनी किसी भी ऐसी बातचीत का हिस्सा नहीं रही है, जो व्हर्लपूल कॉर्पोरेशन और संभावित खरीदारों के साथ हुई हो।
कंपनी को व्हर्लपूल कॉर्पोरेशन से कंपनी में अपनी हिस्सेदारी कम करने के उसके घोषित इरादे के बारे में जानकारी मिलती रही है, जिसमें 2025 में 11 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचना भी शामिल है। व्हर्लपूल ऑफ इंडिया ने कहा कि कंपनी व्हर्लपूल कॉर्पोरेशन द्वारा और हिस्सेदारी बेचने के लिए संभावित खरीदारों के साथ किसी भी चर्चा या बातचीत का हिस्सा नहीं है। इसलिए उसे नहीं पता कि ऐसी और चर्चाएं पूरी हिस्सेदारी की बिक्री से जुड़ी हैं या कुछ हिस्सेदारी की बिक्री से। साथ ही ही उसे शर्तों, कीमत या बातचीत किस चरण में है, इसकी जानकारी है। इस अनिश्चितता के कारण, कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को कोई नई सूचना नहीं दी ताकि कोई अनावश्यक उम्मीदें या बाजार में गलत धारणा न बने।
व्हर्लपूल ऑफ इंडिया ने यह भी कहा कि व्हर्लपूल कॉर्पोरेशन की ओर से आखिरी संदेश 22 सितंबर, 2026 को कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को भेजा गया था। उसमें कंपनी को व्हर्लपूल मॉरीशस द्वारा अपने शेयर किसी तीसरे पक्ष को कंट्रोल ट्रांजेक्शन के हिस्से के तौर पर बेचने के लगातार इरादे के बारे में बताया गया था। यह भी बताया गया कि ऐसी प्रस्तावित बिक्री पर अभी एक से ज्यादा संभावित काउंटरपार्टी के साथ विचार किया जा रहा है।
जून तिमाही में कितना रेवेन्यू और प्रॉफिट
Whirlpool of India Ltd का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 29.57 प्रतिशत गिरकर 102.88 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले मुनाफा 146.08 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 12.1 प्रतिशत बढ़कर 2,726.75 करोड़ रुपये रहा, जबकि जून 2025 तिमाही में यह 2,432.32 करोड़ रुपये था।
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