Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में आज, 12 अक्टूबर को भारी बिकवाली का देखने को मिल रही है। सुबह की बढ़त को गंवाते हुए बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दिन के ऊपरी स्तरों से भारी गिरावट के साथ लाल निशान में आ गए। 3 बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, सेंसेक्स 767.65 अंक (1.05%) की भारी गिरावट के साथ 71,704.68 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 200.45 अंक (0.89%) टूटकर 22,320.00 पर आ गया है।
इसके अलावा निफ्टी बैंक में 519 अंकों (0.94%) और निफ्टी आईटी में 344 अंकों (1.20%) की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वैसे ब्रॉडर मार्केट में स्मॉल-कैप सूचकांकों ने मुख्य सूचकांकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया और उनमें 1% से अधिक की बढ़त देखी गई।
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के ये है 5 मुख्य वजहें
1. ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली: लगातार दो सत्रों की तेजी के बाद ऊपरी स्तरों पर निवेशकों ने जमकर प्रॉफिट बुकिंग की। पिछले सत्र में निफ्टी 22,520 के स्तर पर बंद हुआ था। आज सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से लगभग 1,100 अंक नीचे फिसल गया, जिससे निफ्टी 22,350 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया।
2. टेक्निकल स्तरों का टूटना: बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी में मजबूती लौटने के लिए 22,600-22,650 के ऊपर बने रहना बेहद जरूरी था। बजाज ब्रोकिंग के रिसर्च डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पमित्र मुखर्जी के अनुसार, '22,600 के ऊपर टिकने में विफलता 22,200-22,600 के दायरे में कंसॉलिडेशन का संकेत देती है।'
कोटक नियो के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि, 'निफ्टी के लिए 22,300 का स्तर एक बेहद अहम सपोर्ट है। यदि निफ्टी 22,300 के नीचे निर्णायक रूप से बंद होता है, तो बिकवाली का दबाव बढ़कर इंडेक्स को 22,150-21,750 तक खींच सकता है।'
3. FIIs की लगातार 11 सत्रों से बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार पैसे निकाल रहे हैं। 9 अक्टूबर 2026 को FIIs ने लगातार 11वें सत्र में बिकवाली करते हुए ₹3,568 करोड़ मूल्य के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹4,743 करोड़ की नेट खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की है, लेकिन विदेशी आउटफ्लो का दबाव हावी बना हुआ है।
4. डॉलर इंडेक्स 18 महीने के उच्चतम स्तर पर: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण डॉलर इंडेक्स 102.5 के पास यानी अपने 18 महीने के उच्चतम स्तर पर कारोबार कर रहा है। मजबूत डॉलर के कारण निवेशक भारतीय जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिकी परिसंपत्तियों में लगा रहे हैं, जिससे रुपए और शेयर बाजार दोनों पर नकारात्मक असर पड़ा है।
5. हैवीवेट और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली: सेक्टोरल फ्रंट पर निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे ज्यादा दबाव में रहा, जिसमें एसबीआई, पीएनबी और केनरा बैंक में 1% से 2% तक की गिरावट आई। इसके अलावा भारती एयरटेल, इंडस टावर्स और एनटीपीसी जैसे बड़े शेयरों में गिरावट ने निफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर इंडेक्स को नीचे खींचा। फार्मा सेक्टर में डॉ. रेड्डीज और सिप्ला में थोड़ी तेजी के बावजूद अन्य दिग्गज फार्मा शेयर लाल निशान में रहे।
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