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Yes Bank Share Price: AT-1 बॉन्ड्स पर कोर्ट के फैसले पर दूसरे दिन भी शेयर धड़ाम, City ने घटाया टारगेट प्राइस

Yes Bank Share Price: AT-1 Bonds पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद येस बैंक के शेयरों में आज लगातार दूसरे दिन बिकवाली का भारी दबाव दिखा। एक कारोबारी दिन पहले यह करीब 20% टूटकर एक साल के निचले स्तर पर आ गया था और आज भी यह कमजोर हुआ। जानिए क्या है पूरा मामला और सिटी ने इसका टारगेट प्राइस क्यों घटा दिया

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Oct 16, 2026 पर 11:10 AM
Yes Bank Share Price: AT-1 बॉन्ड्स पर कोर्ट के फैसले पर दूसरे दिन भी शेयर धड़ाम, City ने घटाया टारगेट प्राइस
Yes Bank Share Price: AT-1 Bonds पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद येस बैंक के शेयरों को ब्रोकरेज फर्म सिटी ने सेल रेटिंग दी है।

Yes Bank Share Price: दिग्गज प्राइवेट सेक्टर लेंडर येस बैंक के शेयर आज भी बिकवाली की आंधी में फंस गए। एक कारोबारी दिन तो पहले इंट्रा-डे में यह छह साल में सबसे बड़ी गिरावट के साथ टूटकर एक साल के निचले स्तर ₹16.98 पर आ गया था। इसके शेयरों को यह शॉक ₹8415 करोड़ के AT-1 (एडीशनल टियर-1) बॉन्ड्स पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के चलते लगा है। इस झटके में शेयर एक कारोबारी दिन पहले इंट्रा-डे में 20% टूटे थे और निचले स्तर पर हल्की रिकवरी के बावजूद 14% से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए थे। अब आज की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 1.98% की गिरावट के साथ ₹17.79 पर है। इंट्रा-डे में आज यह 3.86% फिसलकर ₹17.45 तक आ गया था। कुछ महीने पहले 18 जून 2026 को यह एक साल के हाई ₹25.77 पर था।

क्या है Yes Bank के AT-1 बॉन्ड्स का मामला?

सुप्रीम कोर्ट ने साल 2020 में बैंक के AT-1 बॉन्ड्स को राइट ऑफ करने यानी बट्टे खाते में डालने के फैसले को गलत ठहराया है। बता दें कि बैंक की रीस्ट्रक्चरिंग के दौरान ₹8400 करोड़ के इन बॉन्ड्स को राइट-ऑफ कर दिया गया था, जिसके चलते बॉन्ड होल्डर्स को अपना मूलधन भी गंवाना पड़ा था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक यस बैंक को अब इन AT-1 बॉन्ड्स पर 9.5% और 9% की तय कूपन दर के हिसाब से पेमेंट करना होगा। बैंक ने साल 2016 और साल 2017 में इन बॉन्ड्स के जरिए ₹8,415 करोड़ जुटाए थे। यह रकम कितनी है, इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि यह वित्त वर्ष 2026 में बैंक के ₹3476 के शुद्ध मुनाफे के दोगुने से भी अधिक है।

इस फैसले को लेकर बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि वह फिलहाल सभी कानूनी विकल्पों पर गौर कर रहा है। बैंक ने यह भी कहा कि उसके पास कैपेटिल मैनेजमेंट के बेहतर रास्ते हैं, जिससे उसे अपने ग्रोथ के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अतिरिक्त पूंजी से जुड़े फैसलों को लेकर फ्लेक्सिबिलिटी बनी रहेगी। यस बैंक के मुताबिक AT-1 बॉन्ड्स से जुड़े फैसले से 30 जून 2026 तक के CET-1 रेश्यो (मुनाफा समेत) पर लगभग 250 बेसिस पॉइंट्स का असर पड़ सकता है तो प्रो-फॉर्मा आधार पर टियर-1 रेश्यो 14% पर ही बना रहेगा।

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