जेन टेक्नोलॉजीज डिफेंस सिमुलेशन और एंट्री-ड्रोन सॉल्यूशंस ऑफर करती है। सरकार डिफेंस पर खर्च बढ़ा रही है। इसके अलावा अगली पीढ़ी के वारफेयर सिस्टम्स की मांग बढ़ रही है। इसका फायदा जेन टेक्नोलॉजी को मिलेगा। कंपनी एयर फोर्स सिमुलेटर मार्केट में उतरी है। एंटी-ड्रोन सेगमेंट में भी कंपनी के लिए बड़े मौके है। कंपनी अमेरिकी बाजार में बिजनेस का विस्तार कर रही है। इससे मीडियम और लॉन्ग टर्म में कंपनी की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।
1239 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक जून तिमाही में
Zen Technologies की कंसॉलिडेटेड ऑर्डर बुक 30 जून, 2026 को 1,239 करोड़ रुपये की थी। FY26 की मार्च तिमाही के अंत में ऑर्डर बुक 1,336 करोड़ रुपये की थी। तिमाही दर तिमाही आधार पर ऑर्डर बुक में गिरावट की वजह जून तिमाही में बेहतर एग्जिक्यूशन है। कंपनी की ऑर्डर बुक में इक्विपमेंट ऑर्डर की हिस्सेदारी 921 करोड़ है, जबकि 318 करोड़ रुपये के ऑर्डर AMC के हैं।
मार्च तक 2700 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक की उम्मीद
कंपनी नए ऑर्डर्स के लिए 700-800 करोड़ रुपये के सिमुलेटर ऑर्डर्स पर विचार कर रही है। कंपनी को FY27 के अंत तक ऑर्डर बुक करीब 2,500 करोड़ रुपये पहुंच जाने की उम्मीद है। एंटी-ड्रोन सिस्टम की बढ़ती मांग का फायदा भी कंपनी को मिलेगा। घरेलू बाजार के साथ ही कंपनी मिडिल ईस्ट, अफ्रीका, साऊथईस्ट एशिया और CIS देशों में बिजनेस का विस्तार कर रही है। कंपनी की नजरें EU और नॉर्थ और साऊथ मार्केट्स पर भी हैं।
जून तिमाही में रेवेन्यू के मोर्चे पर कमजोर प्रदर्शन
जून तिमाही में कंपनी के रेवेन्यू में साल दर साल आधार पर 10.5 फीसदी गिरावट आई। EBITDA साल दर साल आधार पर 40.2 फीसदी घटकर 39 करोड़ रुपये रह गया। इसका असर कंपनी के टैक्स बाद प्रॉफिट (PAT) पर पड़ा, जो करीब 34 करोड़ रुपये रहा। सितंबर तिमाही में ऑर्डर एग्जिक्यूशन की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है।
कपैसिटी बढ़ाने के लिए अधिग्रहण पर विचार
अगले दो साल तक कंपनी की ग्रोथ में सिमुलेटर्स और एंट्री-ड्रोन सिस्टम्स का बड़ा हाथ रह सकता है। इंटरसेप्टर ड्रोन, हार्ड-किल सिस्टम्स, रोबोटिक्स, ऑटोनोमस व्हीकल्स और इंटिग्रेटेड स्मार्ट बॉर्डर सॉल्यूशंस से भी ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए अधिग्रहण पर भी विचार कर रही है। इससे रेवेन्यू का स्रोत भी बढ़ेगा।
52 हफ्ते के हाई से शेयर 14.5 फीसदी नीचे
Zen Technologies का शेयर 11 सितंबर को 1.25 फीसदी गिरकर 1,728.10 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर 27 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। कंपनी का शेयर इस साल 19 अगस्त को 2,044 रुपये पर पहुंच गया था, जो इसका 52 हफ्ते का सबसे ज्यादा प्राइस है। अभी इस लेवल से यह करीब 14.5 फीसदी नीचे है। सरकार के डिफेंस इक्विपमेंट के इंपोर्ट पर निर्भरता घटाने और एक्सपोर्ट बढ़ाने पर फोकस का फायदा जेन टेक्नोलॉजीज को मिलेगा।
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