Get App

अमेरिका में तेजी से बढ़ता इंटरेस्ट रेट पूरी दुनिया में आर्थिक तबाही मचा सकता है

फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट बढ़ाने से कई देशों की करेंसी की हालत नाजुक हो गई है। जापान का उदाहरण लिया जा सकता है। येन में पिछले एक साल में डॉलर के मुकाबले 25 फीसदी से ज्यादा गिरावट आ चुकी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 16, 2022 पर 12:13 PM
अमेरिका में तेजी से बढ़ता इंटरेस्ट रेट पूरी दुनिया में आर्थिक तबाही मचा सकता है
Bank of America का सर्वे मंगलवार को आया है। इसमें बताया गया है कि शेयरों को लेकर इनवेस्टर्स का सेंटीमेंट पहले कभी इतना ज्यादा कमजोर नहीं था।

अमेरिका में महंगाई (Inflation) से राहत मिलने की लोगों की उम्मीद टूट गई है। अगस्त में रिटेल इनफ्लेशन (Retail Inflation) का आंकड़ा अनुमान से ज्यादा रहा। अमेरिका में हाई इनफ्लेशन उन लोगों के लिए भी संकट पैदा कर सकते हैं जो अमेरिका में नहीं रहते हैं।

इनफ्लेशन के ताजा आंकड़ों को देखते हुए फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के चेयरमैन जेरोम पॉवेल (Jerome Powell) इंटरेस्ट रेट में अनुमान से ज्यादा वृद्धि कर सकते हैं। यह 'बीमारी से ज्यादा कड़वी उसकी दवा' जैसा होगा। फेडरल रिजर्व के रेट बढ़ाने का असर दुनियाभर में देखने को मिलेगा। कई देशों की इकोनॉमी ध्वस्त होने की कगार पर पहुंच जाएंगी।

यह भी पढ़ें : World Bank ने भी अब वैश्विक मंदी के बढ़ते खतरे से आगाह किया, इससे बचने के उपाय भी बताए

दूसरे देशों की इकोनॉमी में आई गिरावट का असर अमेरिकी इकोनॉमी की ग्रोथ पर भी पड़ेगा। हम ऐसे संकट की तरफ बढ़ सकते हैं जिसका हमें कोई अंदाजा नहीं है। ग्लोबल मार्केट की नजरें दो साल के अमेरिकी ट्रेजरी (बॉन्ड्स) की यील्ड पर होती हैं। अभी यह यील्ड डराने वाले लेवल पर पहुंच गई है। पिछले साल इस वक्त यह 0.2 फीसदी थी। अब यह 19 गुना ज्यादा है। यह फेडरल रिजर्व के हर महीने 95 अरब डॉलर क्वाटेंटिव टाइटेनिंग (लिक्विडिटी घटाने) शुरू होने से पहले है। दरअसल, फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के असर का अंदाजा नहीं लगा सका है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें